दुर्गम क्षेत्र में हेलिकॉप्टर से पहुंचा मतदान दस्ता – 6 तहसीलों में 15 जनवरी को मतदान

  • शांतिपूर्ण रूप से चुनाव संपन्न कराने के लिए प्रशासन तैयार 

गडचिरोली. कोरोना महामारी के पश्चात राज्य चुनाव आयोग ने राज्यभर में चुनावी कार्यक्रम घोषीत किया है. जिसके तहत गडचिरोली जिले के 361 ग्राम पंचायतों में 2 चरणों में मतदान लिया जानेवाला है. जिसके तहत प्रथम चरण में जिले के उत्तरी क्षेत्र के कोरची, कुरखेडा, देसाईगंज, आरमोरी, धानोरा व गडचिरोली तहसील में 199 ग्राम पंचायतों के लिए 15 जनवरी को मतदान लिया जानेवाला है.

मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रूप से संपन्न कराने हेतु जिला प्रशासन तथा पुलिस विभाग तत्पर हुआ है. दुर्गम क्षेत्रों के अतिसंवेदनशिल व संवेदनशिल मतदान केंद्रों तक मतदान दस्ते को भेजने की तैयार बुधवार 13 जनवरी से प्रारंभ की गई है. दुर्गम क्षेत्रों में स्थित मतदान केंद्रो को मतदान दस्ते को पहुचाने के लिए हेलिकॉप्टर का सहारा लिया गया. कोरची तहसील में होनेवाले मतदान केंद्रो पर हेलिकॉप्टर द्वारा मतदान अधिकारी व कर्मचारियों तक पहुचाया गया है.

वहां निर्मित किए गए बेसकैम्प तक उक्त मतदान दस्ते को भेजा गया है, ऐसी जानकारी है. नक्सल प्रभावित गडचिरोली जिला होने के कारण यहां चुनावी प्रक्रिया संपन्न कराना प्रशासन के लिए बडा आह्वान होता है. बिते कुछ वर्षो में जिला प्रशासन तथा पुलिस विभाग के व्यापक नियोजन के कारण लोस, विस तथा अन्य चुनाव शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हुए है. उसी तरह ग्रापं चुनाव भी शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हो, इसलिए जिला प्रशासन तथा पुलिस विभाग प्रयास कर रहा है. 

दुर्गम क्षेत्रों में कडी सुरक्षा व्यवस्था

जिले में ग्राम पंचायत चुनाव के मद्देनजर कडी सुरक्षा व्यवस्था रखी गई है. ग्रापं चुनाव के चलते एक सप्ताह पूर्व ही जिले में अतिरीक्त सुरक्षा बल दाखिल हुए थे. जिससे जिला पुलिस के साथ ही अतिरीक्त सुरक्षा बल दुर्गम, संवेदनशिल तथा अतिसंवेदनशिल क्षेत्र में सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे है. दुर्गम क्षेत्रों में पुलिस विभाग द्वारा नक्सल विरोधी अभियान तिव्र किया गया है. नक्सलियों द्वारा चुनाव पर बहिष्कार करने की चेतावनी दी जाती है. जिसके चलते नक्सली हिंसक वारदातों को अंजाम देने का प्रयास करते है. मात्र विगत कुछ वर्षो में पुलिस के निरंतर अभियान के चलते चुनाव शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हुए है. उसी तरह इस बार भी चुनाव शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हो, इसके लिए प्रशासन प्रयासरत है. 

निर्विरोध चयन से कुछ मुश्किले कम 

नक्सलग्रस्त गडचिरोली जिले में गांव विकास के लिए निर्विरोध चुनाव करने का आह्वान जिले के जनप्रतिनिधियों ने किया था. उनके आह्वान को भी प्रतिसाद मिला है. जिसके तहत जिले के अनेक ग्रापं में सदस्य निर्विरोध चुने गए है. प्रथम चरण में चुनाव होनेवाले धानोरा तहसील के 12 तो गडचिरोली तहसील के 3 ग्राम पंचायत निर्विरोध चुनाव हुए. वहीं अन्य कुछ ग्राम पंचायत में एक जगह के लिए एक ही नामांकन प्राप्त होने से वे सदस्य भी निर्विरोध चुने गए है. जिसके कारण जिला प्रशासन व पुलिस विभाग की कुछ मुश्किले कम होने की बात भी कहीं जा रही है. 

संवेदनशिल क्षेत्रों में नही भरा पर्चा

जिले के कुछ ग्राम पंचायते संवेदनशिल क्षेत्र में आते है. यह ग्राम पंचायत नक्सल प्रभावित क्षेत्र के होने के कारण नक्सलियों के भय के चलते कुछ ग्राम पंचायतों के लिए किसी भी सदस्य ने नामांकन भरने का जोखिम नहीं उठाया है. जिससे भलेही पुलिस के निरंतर अभियान के चलते नक्सल आंदोलन बैकफुट पर पहुंचा है. किंतू दुर्गम क्षेत्रों में नक्सलियों की दहशत अब भी कायम है. नक्सलियों के हत्यासत्र के कारण दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्याशी चुनाव लढने आगे नहीं आ पा रहे है. मात्र पूर्व की तुलना में इस बार ऐसे ग्राम पंचायतों की संख्या कम है. 

आज कत्ल की रात

जिले के उत्तरी क्षेत्र के 6 तहसीलों में 15 जनवरी को मतदान होनेवाला है. जिससे बुधवार 13 जनवरी को शाम 5 बजे प्रचार थमनेवाला है. ग्रामीण अंचल में प्रत्याशीयों की गुप्त बैठक तथा डोर टू डोर मुलाकात कर मतदाताओं को लुभाने का प्रयास करने की बात कहीं जा रही है. प्रचार थमते ही कत्ल की रात प्रारंभ हो जाती है. भलेही प्रचार थम गया हो, मात्र ग्रामीण अंचल में अप्रत्यक्ष रूप से प्रचार जारी रहता दिखाई देता है.

इस चुनाव में प्रमुख दलों के साथ ही निर्दलीय पैनल चुनावी मैदान में उतरे है. जिससे अनेक नेतागण, पूर्व सरपंच, उपसरपंच अपनी सांख बचाने में लगे हुए है. भलेही इस बार सरपंच का आरक्षण चुनाव के पश्चात घोषित होनेवाला है. किंतू पैनल प्रमुख अपने सदस्यों को चुनकर लाने के लिए पुरजोर प्रयास करते दिखाई दे रहे है.