Electricity

    • दुर्गम क्षेत्र में बढ़ी बिजली गुल होने की समस्या 

    गड़चिरोली. एक तरफ सरकार बिजली विभाग के माध्यम से जिले के गांवों में बिजली पहुंचाने का काम कर रही है. लेकिन वहीं दूसरी ओर जिले के दुर्गम क्षेत्र में बसे अनेक गांवों में अब तक बिजली नहीं पहुंची है. वहीं जिन गांवों में बिजली पहुंची है, ऐसे गांवों के लोगों को बरसात के दिनों में अंधेरे में रहने की नौबत आन पड़ी है.

    उल्लेखनीय है कि बारिश के साथ आंधी-तूफान के चलते बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है. यदि एक बार बिजली आपूर्ति बंद हो गयी तो काफी दिनों तक शुरू नहीं होती है. जिसके कारण ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र के लोगों को बरसात के दिनों में अंधेरे में रहने की नौबत आन पड़ी है. जिससे बिजली विभाग इस ओर गंभीरता से ध्यान देकर नियमित बिजली आपूर्ति करें, ऐसी मांग जिले के दुर्गम क्षेत्र के नागरिकों द्वारा की जा रही है. 

    कई गांवों में नहीं पहुंची बिजली

     जिले की अहेरी तहसील मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित व्यंकटापुर (आवलमारी) क्षेत्र विभिन्न के विभिन्न गांवों में आज भी सरकार की योजनाएं पहुंच नहीं पायी है. आज भी अहेरी से आवलमारी जाने के लिये पक्की सड़क का निर्माणकार्य नहीं किया गया है. जिससे क्षेत्र के आदिवासियों को तहसील मुख्यालय तक पहुंचने के लिये दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

    इसके अलावा इस क्षेत्र के कुछ गांवों में अब तक बिजली नहीं पहुंचने की जानकारी मिली है. इसके साथ ही सिरोंचा तहसील के कोटरा, कोर्ला क्षेत्र के गांव भी बिजली आपूर्ति से वंचित हैं. वहीं एटापल्ली और भामरागड़ तहसील के दुर्गम गांवों में बिजली नहीं पहुंच पायी है. जिसके कारण  लोगों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है. 

    काफी वर्षो से समस्या है कायम 

    ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र के गांवों में बिजली पहुंचाने के लिये भले ही बिजली विभाग विशेष प्रयास कर रहा है, मगर वर्तमान स्थिति में अनेक गांवों में बिजली सुविधा नहीं पहुंच पायी है. जिसके कारण जिले के अनेक गांव के नागरिक आज भी अंधेरे में जीवनयापन कर रहे हैं. जिसके कारण इन लोगों को नरकीय यातनाएं भुगतनी पड़ रही हैं.

    पिछले अनेक वर्षो से गांव अंधेरे में होने पर भी प्रशासन और जनप्रतिनिधि इन गांवों में बिजली पहुंचाने के लिये गंभीरता नहीं दिखाई दे रहे है. बिजली नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में ग्रामीणों को सर्वाधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है.