बीपीएल के दाखले ग्रापं स्तर पर उपलब्ध करांए – घोडाम की मांग

आरमोरी. गरीब जनता का जीवनमान उंचा उठाने के लिए सरकार ने बीपीएल दाखिले अब पंचायत समिति स्तर पर देने के निर्देश देने से गरीब जनता का सिरदर्द बढ गया है. जिससे बीपीएल दाखिले देने के पंस के अधिकार कम कर पूर्व के भांति ग्राम पंचायत स्तर पर जनता को बीपीएल के दाखिले उपलब्ध कराएं, ऐसी मांग महाराष्ट्र प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष तथा पूर्व विधायक आनंदराव गेडाम इनके मार्गदर्शन में जिला आदिवासी कांग्रेस के सचिव दिलीप घोडाम के नेतृत्व में राज्य के ग्राम विकास मंत्री हसन मुश्रीफ की ओर ज्ञापन द्वारा की है. 

ज्ञापन में कहां है कि, ग्राम पंचायत को घटनात्मक दर्जा प्राप्त होकर गांव के नागरिकों को सामाजिक न्याय मिले, उनका विकास हो,  केंद्र सरकार व राज्य सरकार के विभीन्न प्रकार की योजना नागरिकों को मिले, इसके लिए गरीबों को बीपीएल कार्ड का वितरण किया जाता है. इन गरीबों को किसी भी सरकारी कार्य के लिए बीपीएल दाखिलों की व्यापक आवश्यकता रहती है. कुछ वर्ष पूर्व यह दाखिले ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध होने से नागरिकों को सुविधाजनक हो रहा था. मात्र अब सरकार ने बीपीएल दाखिले देने के ग्रापं के अधिकार पंचायत समिति के संवर्ग विकास अधिकारी को दिए है. जिससे नागरिकों को एक बीपीएल दाखिले के लिए पंचायत समिति स्तर पर 8 से 10 बार चक्कर काटने पड रहे है. जिससे उन्हे व्यापक परेशनियों का सामना करना पड रहा है.

अनेक प्रयास करने पर दाखिले देरी से प्राप्त होने से गरीबों को सरकार के योजना से वंचित रहने की नौबत आयी है. इस संदर्भ में जोगीसाखरा परिसर के ग्रामीणों ने घोडाम की भेट लेकर शिकायत की थी. जिससे लाभार्थियों के शिकायत की सुध लेते हुए घोडाम ने पंचायत समिति स्तर पर मिलनेवाली बीपीएल दाखिले ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराने की मांग राज्य के ग्रामविकास मंत्री हसन मुश्रीफ की ओर ज्ञापन द्वारा की है. ज्ञापन पेश करते समय तेजराव कोसरे, गोमा हजारे, सरकार, अतुल सपाटे, बाबुराव मने, महादेव खोब्रागडे, शामराव कामतकर, नरेश बर्डे, बंडु मने आदि उपस्थित थे.