First there was a religious conversion, then a 13-year-old girl was handed over to a 45-year-old man ... she was sent to a shelter home after rape.

    गड़चिरोली. स्कूल में शिक्षारत छात्रा को शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी शिक्षक को बुधवार को जिला प्रमुख व सत्र न्यायाधीश स्वप्निल एस. खटी के न्यायालय ने 7 वर्ष  सश्रम कारावास और 33,500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है. सजायाफ्ता आरोपी शिक्षक सिरोंचा निवासी बालाजी इसा बोरे (45) है. बता दें कि आरोपी बालाजी बोरे यह बसवापुर जिप स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्यरत था. उस समय तहसील के मोयाबीनपेठा निवासी पीड़ित छात्रा सिरोंचा में शिक्षा लेने के लिये आ रही थी.

    आरोपी ने सिरोंचा ने मकान तैयार कर अपनी पत्नी के साथ रह रहा था. मात्र उसे संतान नहीं होने के कारण पीड़िता को शादी का झांसा देकर उसके साथ शारिरीक संबंध बनाए. और 25 जुलाई 2015 को पीड़िता को अपने साथ घर ले गया. जब आरोपी की पत्नी ने पीड़िता को सिरोंचा के ग्रामीण अस्पताल में ले जाकर वैद्यकीय जांच करने पर पीड़िता तीन माह की गर्भवती होने की बात उजागर हुई. 

    भोजन में दवा मिलाकर कराया गर्भपात 

    29 जुलाई 2015 को पीड़िता का गर्भपात करने के लिये आरोपी ने उसके भोजन में दवा मिलाई. रात 10 बजे के दौरान पीड़िता को पेटदर्द शुरू होने पर उसने शिक्षक बोरे को जानकारी दी. लेकिन वह घर से बाहर निकल गया. ऐसे में घर के बाथरूम में पीड़िता का गर्भपात हुआ. इस मामले की जानकारी आरोपी को होने पर भी उसने पीड़िता को घर से बाहर नहीं निकलने दिया. इससे पीड़िता ने अपने परिवार से मोबाइल पर संपर्क कर मामले की जानकारी दी. 

    माता-पिता ने थाने में दर्ज की थी शिकायत 

    घटना के दूसरे ही दिन 30 जुलाई 2015 को पीड़िता के माता-पिता सिरोंचा थाने में पहुंचकर शिक्षक बोरे के खिलाफ शिकायत दर्ज की. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर तथ जांच पूर्ण करने के बाद मामला न्यायालय में पेश किया. इस बीच बुधवार को इस मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए न्यायाधिश स्वप्रील खटी के न्यायालय ने आरोपी शिक्षक बालाजी गोरे के खिलाफ धारा 376 अंतर्गत 7 वर्ष तक सश्रम कारावास और 33 हजार 500 रूपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई है. सरकारी पक्ष की ओर से सहायक सरकारी वकील एसयू कुंभारे ने पैरवी की.