इटियाडोह का पानी छोड़ें- पूर्व विधायक हरिराम ने की मांग

  • बारिश नहीं होने से धान की फसल नष्ट होने के कगार पर

आरमोरी. मानसून का आगमन होते ही किसानों में खुशी की लहर झूम उठी थी. जिससे किसानों ने खेत में धान की बुआई की. पिछले 15 दिनों से बारिश नहीं होने से खेत में किए धान की बुआई नष्ट होने के कगार पर है. जिससे किसानों के सामने दोबारा धान की बुआई करने की नौबत आन पड़ी है. पानी की कमी के कारण, पौधे की अंकुरण क्षमता कम हो गई है. जिससे उक्त धान के रोप बचाने के लिए इटियाडोह का पानी छोड़कर किसानों को राहत देने की मांग पूर्व विधायक हरिराम वरखड़े ने की है. 

खेत में महंगे बीज की बुआई
खरीफ सीजन की पहली बारिश होते ही किसानों खेत कार्य में जुटे थे. इसके लिए 1,000 रुपए कीमत के संकरित बीज की खरीदी कर तहसील के कई किसानों ने धान की बुआई की थी. किंतु पिछले 15 दिनों से बारिश नहीं होने के कारण कई किसानों के धान के रोप नष्ट होने के कगार पर है. जिससे किसानों पर दोबारा धान बुआई का संकट निर्माण हुआ है. किसानों ने अपने खेत में महंगे धान के बीज की बुआई की है. किंतु बारिश नहीं होने के कारण धान के पौधे बचाने के लिए पानी की आवश्यकता होने से संबंधित विभाग इटियाडोह का पानी छोड़ने से नहर द्वारा किसानों के खेत तक पानी पहुंचेगा. जिससे किसानों ने किए धान के रोप बचाने में मदद होंगी. किसानों की समस्या ध्यान में लेकर तत्काल इटियाडोह का पानी छोड़ें.