Market Committee to be the center of farmers' development - Legislative Jorgewar rendering

गडचिरोली. कोरोना संक्रमण  के कारण नागरिकों का रोजगार छीन गया है। जिससे सरकारी सस्ते अनाज दूकान से मिलनेवाले अनाज पर नागरिक निर्भर है। मात्र जिले में विगत माह से मांग नहीं होने के बावजूद सरकारी अनाज से मक्का की आपूर्ति किए जाने व दूसरी ओर गेहूं की आपूर्ति कम करने से नागरिकों में नाराजगी व्यक्त हो रही है।

जिले के नागरिक भोजन में प्रमुखता से चावल व गेहूंका उपयोग करते है। मक्का का विशेष उपयोग नहीं करते है। मात्र विगत माह से नागरिकों को मक्का की भी आपूर्ति की जा रही है। इस दौरान गेहूं  का प्रमाण कम किया गया है। ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक मक्का का इस्तेमाल मवेशियों के खाद्य के रूप में करने की बात कहीं जा रही है। सरकार इन बातों पर विचार कर मका के बदले गेहूं  का प्रमाण बढाएं, ऐसी मांग कार्डधारक कर रहे है।

पॉस मशीन उपयोगहीन

राशन वितरण प्रणाली में सुसूत्रता लाने के लिए सरकार ने प्रत्येक राशन दूकान में पॉस मशीन दी है। इन पास मशीन द्वारा लाभार्थियों का थम लेकर राशन वितरित किया जाता है। मात्र यह पॉस मशीन नेटवर्क के अभाव में कार्य नहीं करने से लाभार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड रहा है। कभी 2 से 3 दिनों तक राशन वितरण करने में पॉस मशीन के कारण दिक्कत निर्माण होती है।