नदी, नाले पार कर दुर्गम क्षेत्र में पहुंचे सीईओ, स्वास्थ्य केंद्रों के भेट देकर लिया जायजा

    गड़चिरोली. आम तौर पर देखा जाता है कि, प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी अपने एसीयुक्त कक्ष में बैठकर  अधिकारी और कर्मचारियों को कार्य पध्दती का तरिका बताते हुए किए जानेवाले कार्या का जायजा लेते है. मात्र जिला परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार आशिर्वाद ने अपने कार्य के प्रति तत्परता दिखाते हुए दुर्गम क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा मजबूत करने स्वयं ही अपने अधिनिस्त अधिकारी और कर्मचारियों के साथ दुर्गम क्षेत्र के दौरे पर निकल पड़े.

    उन्होंने जिले की नक्सल प्रभावित और सबसे पिछड़ी तहसील के रूप में पहचाने जानेवाले एटापल्ली तहसील के अतिदुर्गम गांवों को नदी, नाले पार कर तथा पैदल चलकर भेट देकर वहां की स्वास्थ्य सेवा का जायजा लिया. जिससे सीईओ कुमार आशिर्वाद  के अपने कार्य के प्रति निष्ठ और तत्परता दिखाकर अपने अनोखे कार्यप्रणाली की छाप छोड़ दी है. वहीं सीईओ दुर्गम क्षेत्र में पहुंचने के कारण दुर्गम क्षेत्र में कार्यरत अधिकारी व कर्मचारी भी अब सतर्क हो गये है.

    बुर्गी में इमारत कार्य को भेट देकर ग्रामीणों से की चर्चा

    जिप के सीईओ कुमार आशिर्वाद ने एटापल्ली तहसील के दुर्गम क्षेत्र में बसे पिपली-बुर्गी गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को भेट दी. इस समय उन्होंने स्वास्थ्य विषयक समस्याए जानने का प्रयास किया. पिपली-बुर्गी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की नई इमारत का निर्माणकार्य शुरू है. उक्त इमारत कार्य को भेट देकर कार्य संदर्भ में जाजया लिया.

    इसके बाद उन्होंने गांव के सरपंच और ग्रामीणों के साथ उनकी समस्या संदर्भ में चर्चा की. ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विषयक समस्या संदर्भ में जानने का प्रयास किया. इस समय ग्रामीणों ने स्वास्थ्य संबंधि विभिन्न समस्याएं सीईओ के समक्ष रखी. जहां उन्होंने तत्काल ही समस्या हल करने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया.

    नदी पार कर पहुंचे कसनसूर

    अपने दौरे में सीईओ आशिर्वाद ने तहसील के मानेवारा, भद्री इन स्वास्थ्य उपकेंद्रों को भेट देकर जायजा लिया. जहां उन्होंने जुलाई व अगस्त माह में होनेवाली प्रसूती माताओं की जानकारी ली. वहीं उनकी संस्था प्रसूती करने का निर्देश दिया. इसके बाद उन्होंने नदी पार कर शेवारी  मार्ग से कसनसूर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को भेट दी.

    वहां पर बालमृत्यु, रक्तक्षयीत गर्भवती माताओं को दिये जानेवाले आर्यन सुक्रोज, आईडीसीटी (विशेष अतिसार संनियंत्रण पखवाड़ा) फाईलेरियां गोलियों का वितरण कार्यक्रम, संपर्क तूटनेवाले गांवों की गर्भवती माताओं के संपर्क में रह उनकी संस्था प्रसूती करने, मलेरिया मरीजों में वृध्दि हो रही है. जिसपर तत्काल उपाययोजना करने का निर्देश सीईओ कुमार आशिर्वाद ने दिया. इस समय उनके साथ सहायक जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. विनोद म्हशाखेत्री समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे.