महावितरण के ठेका कामगारों का बेमियादी अनशन शुरू

  • पूर्ववत कार्य पर लेने की मांग

गडचिरोली. महावितरण ने लॉकडाऊन कालावधि में अचानक कार्यरत ठेका कामगारों को निकालकर नए कामगारों को कार्य पर लिया है. जिससे पुराने कामगारों पर बेरोजगारी की नौबत आयी है. महावितरण पूर्ववत कार्य पर ले इस मांग को लेकर ठेका कामगारों ने सोमवार 26 अक्टूबर महावितरण के अधीक्षक अभियंता कार्यालय के समक्ष बेमियादी अनशन शुरू किया है. 

मई माह में महाविरण के विभीन्न कार्यालय में अनेक वर्षो से कार्य करनेवाले अनुभवी स्नातकोत्तर ठेका कामगारों को अन्यायकारी रूप से कार्य पर से कम कर नए कामगारों को कार्य पर लिया है. पुराने ठेका कामगारों ने अनेक वर्ष कम वेतन पर कार्य कर महावितरण की सेवा की है. मात्र अचानक शुरू ठेके में लॉकडाऊन के कालावधि में मई माह में 13 ठेका कामगारों को बीकॉम स्नातकोत्तर नहीं है, ऐसा कहकर कार्य पर से कम किया गया है. जिससे ठेका कामगारों पर व्यापक बेरोजगारी की नौबत आयी है. कामगारों को वापिस कार्य पर लेने के लिए अनेक बार प्रयास करने के बावजूद कामगारों को कार्य पर पूर्ववत नहीं लिया गया. गडचिरोली के तत्कालीन पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार ने कामगारों को वापिस कार्य पर लेने संदर्भ में आदेश देने के बावजूद महावितरण के अधीक्षक अभियंता ने उन्हे कार्य पर नहीं लिया है. वहीं कामगार राज्यमंत्री बच्चू कडू, विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले इन्होने ने भी पुराने ठेका कामगारों को कार्य पर लेने के आदेश देने के बावजूद अधीक्षक अभियंता सुनने के मनस्थिती में नहीं है.

सरकारी कामगार अधिकारी ने इस संदर्भ में एक बैठक लेकर पुराने कामगारों को कार्य पर लेने के आदेश दिए. मात्र अधीक्षक अभियंता ने उनके भी पत्र की ओर भी अनदेखी की. जिससे ठेका कामगारों ने सोमवार से अधीक्षक अभियंता कार्यालय के समक्ष बेमियादी अनशन शुरू किया है. अनशन में महाराष्ट्र बिजली ठेका कामगार संघ के जिलाध्यक्ष प्रफुल वासनिक, हितेश नंदेश्वर, प्रवीण बोरकर, निखिल सहारे, ज्ञानेश्वर जांभुळे, निलेश कोसे, मनोज पेद्दलवार, अमित देशपांडे, योगेश नन्नावरे, अमोल गेडाम, प्रतीक टेंभुर्णे आदि सहभागी हुए है.