मकर संक्राति पर महंगाई की संक्रात – कोरोना में भी बाजार में लौटी रौनक

  • गृहिणीयों का बिगडा बजट

गडचिरोली. बिते वर्ष कोरोना महामारी के चलते लगबग सभी त्यौहार सादगी में मनाए गए. मात्र कोरोना का प्रादुर्भाव कम होने के चलते सरकार व प्रशासन ने कुछ शिथिलताएं प्रदान की है. जिसके चलते साल के शुरूआत का महत्वपूर्ण मकर संक्राति का पर्व उत्साह में मनाने के लिए महिलाएं तैयार हुई है. किंतू विगत कुछ दिनों से खाद्य सामग्री समेत अनेक वस्तूओं की किंमतों में हुई भारी वृद्धी के कारण मकर संक्राति पर महंगाई की संक्रात दिखाई दे रही है. कोरोना महामारी का प्रभाव का प्रभाव कम हुआ है, ऐसे में मकर संक्राति पर्व पर बाजारों में रौनक दिखाई दे रही है. किंतू विभीन्न साहित्यों के किंमत देखकर लोगों के पसीने छूट रहे है. वहीं महिलाओं का बजट भी बिघड गया है. 

नववर्ष के आरंभ होते ही महिलाएं मकर संक्राति के पर्व पर नजरे गढाएं रहती है. सुर्य के मकर राशी में प्रवेश को व्यापक शुभ माना जाता है. हिंदु समुदाय द्वारा इस दिन मकर संक्राति पर्व समुचे भारतवर्ष में मनाया जाता है. वर्ष 2010 में मकर संक्राति, महाशिवरात्री, होली ऐसे कुछ गिनेचुने त्यौहार ही उत्साह से मनाने का मौका मिला, मार्च में कोरोना महामारी ने देश में पैर पसारने के चलते संक्रमण को रोकने हेतु सरकार व प्रशासन द्वारा लगाए गए विभीन्न पाबंदी तथा निर्देशों के बिच गुडीपाडवा से लेकर दिपावली तक के सभी त्यौहार घरों में रहकर सादगी से मनाए गए.

विगत कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण में कमी दिखाई पड रही है. जिसके चलते सरकार के निर्देशों के तहत प्रशासन ने विभीन्न पाबंदीयों में शिथिलता प्रदान की है. जिससे साल के शुरूआत का मकर संक्राति पर्व उत्साह से मनाने की तैयारियों में महिला वर्ग जुट गया है. मात्र इन दिनों बढती महंगाई के चलते आम तथा मध्यमवर्गीयों के पसीने छुटने लगे है. ऐसे में महंगाई के बिच आया मकरसंक्राति के पर्व भी महंगाई की संक्रात नजर आ रही है. त्यौहार के मद्देनजर बाजार में रौनक तो लौटी है, मात्र वस्तूओं की किंमते देख लोग हक्केबक्के दिखाई दे रहे है.

खाद्य सामग्री में महत्वपूर्ण होनेवाले तेल समेत अन्य साहित्यों के किंमतों में वृद्धी हुई है. तिल व गुड भी महंगा होने से इस वर्ष इसकी मिठास फिकी नजर आ रही है. इसके साथ मकर संक्राति में वाण का काफी महत्व होता है. महिलाएं वाण खरीदी कर एक दुसरे को भेट करते है. इस वाण की किंमतों में भी बिते वर्षो की तुलना में वृद्धी देखी जा रही है. बढती महंगाई के कारण महिलाओं के इस पर्व पर कुछ असर होने की बात कहीं जा रही है. 

स्नान का भी महत्व

सुर्य के मकर राशी में प्रवेश के दिवस को व्यापक शुभ माना जाता है. इस दिन लोग नदीतट पर पवित्र स्नान हेतु पहुचते है. नदीतट पर पवित्र स्नान कर पुजाअर्चना की जाती है. जिससे जिले में अनेक नदीतटों पर लोगों की भीड नजर आती है. इस वर्ष भी मकर संक्राति के चलते नदीतट पर लोग स्नान कर अपने इष्टदेव की पुजा करनेवाले है. मात्र मकर संक्राति पर्व के मद्देनजर नदीतटों पर से सुरक्षा नदारद दिखाई पडती है.

जिले में ग्रामीण अंचल से लेकर शहरी क्षेत्र में भी लोग स्नान करने नदी तट पर पहुंचते है. शहरी क्षेत्रों के कुछ जगह गृहरक्षक दल के कर्मी को तैनात किया जाता है. किंतू ग्रामीण क्षेत्र की सुरक्षा रामभरोसे दिखाई देती है. नदी में स्नान के दौरान डूबने की वारदाते अक्सर सामने आते है. जिससे पुलिस विभाग को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है, ऐसी बात सुज्ञ नागरिकों द्वारा कहीं जा रही है.