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गडचिरोली. शहर मुख्यालय से महज कुछ दूरी पर चांदाला मार्ग के जंगल परिसर में लकडियां लाने के लिए गई महिला पर बाघ ने हमला कर उसे मौत के घाट उतारने की घटना बुधवार को घटीत होने के पश्चात गडचिरोली शहर परिसर के नागरिकों में बाघ की व्यापक दशहत निर्माण हुई है. बाघ के दहशत के चलते इस मार्ग पर से दैनदिन मॉर्निंग व इव्हनिंग वॉक करनेवालों की सैर करना बंद करने का चित्र आज गुरूवार 17 दिसंबर को दिखाई दिया. इन बाघों का बंदोबस्त करने के लिए वनविभाग का दस्ता नियुक्त किया गया होकर परिसर में गश्त बढने की जानकारी है. 

गडचिरोली उपवनक्षेत्र के चांदाळा बिट में कक्ष क्र. 174 में इंदिरा नगर निवासी सुधा चिलमवार यह महिला अन्य महिलाओं के साथ इंधन की लकडियां लाने के लिए गई थी. दोपहर के दौरान घात लगाकर बैठे बाघ ने उसपर हमला कर उसे मौत के घाट उतारा. विगत कुछ दिन पूर्व गडचिरोली तहसील के वनविभाग अंतर्गत बाघ के हमले में एक व्यक्ति मारा गया था. वहीं मवेशियों को भी निवाला बनाने की घटनाएं हुई थी.

मात्र जिला मुख्यालय का स्थान होनेवाले गडचिरोली शहर समिपस्य जंगल में बाघ ने एक व्यक्ति पर हमला करने की घटना घटित होने से शहर समेत परिसर के नागरिकों में दहशत का वातावरण निर्माण हुआ है. जिससे इन बाघों का तत्काल बंदोबस्त करे, ऐसी मांग हो रही है. खासकर यह घटना जिस जंगल परिसर में घटी उस मार्ग पर नियमित रूप से शहर के महिला, पुरूष सुबह व शाम के दौरान सैर के लिए जाते है.

वहीं युवक, युवतियां पुलिस भर्ती व वनविभाग के भर्ती की दृष्टि से प्रैक्टीस करते है. मात्र बाघ के हमले के चलते उनमें दहशत निर्माण होने की स्थिती दिखाई दे रही है. आज गुरूवार सुबह के दौरान चांदाला मार्ग के साथ चामोर्शी, धानोरा, पोटेगांव मार्ग पर के मॉर्निंग वॉक नागरिकों ने टालने का चित्र दिखाई दिया. जिससे नागरिकों ने शहर समिपस्य जंगल परिसर में बाघों के मुक्त संचार से भयभित दिखाई दे रहे है. 

बाघ के बंदोबस्त हेतु दस्ता तैयार

शहर समिपस्य होनेवाले जंगल परिसर में बाघ ने महिला पर हमला कर उसे मौत के घाट उतारने की होने से नागरिकों में दहशत का वातावरण निर्माण हुआ है. इस दौरान विभीन्न सामाजिक कार्यकर्ताद्व राजनितिक पदाधिकारी, नेताओं द्वारा इस बाघ का तत्काल बंदोबस्त करने की मांग की गई है. उस दृष्टि से गडचिरोली वनविभाग ने उपवनक्षेत्र कक्ष क्र. 174 में वनकर्मचारियों की गश्त बढाई है. इसके लिए विशेष दस्ते की निर्मिती की गई होकर इसमें एक वनाधिकारी के साथ 4 वनरक्षक व वनमजदूर का समावेश है. 

गडचिरोली उपवनक्षेत्र में 4 बाघों का संचार ?

गडचिरोली शहर समिपस्य झुडपी जंगल है. इस जंगल परिसर अंतर्गत अनेक गांवों का समावेश होता है. विगत कुछ दिनों से सेमाना देवस्थान, वाकडी, चांदाला, पोटेगाव मार्ग के साथ अमिर्झा परिसर में नागरिकों को बाघ का दर्शन हुआ है. जिससे गडचिरोली वनक्षेत्र में 3 से 4 बाघ होने की बात कहीं जा रही है. वनविभाग ने बाघ के संख्या संदर्भ में निश्चित जानकारी नहीं दी हैद्व मात्र नागरिकों को आवश्यक सतर्कता बरतने का आह्वान किया है. 

यहां से बाघ की एन्ट्री?

गडचिरोली वनक्षेत्र में इससे पूर्व बाघों का संचार नहीं था. मात्र विगत कुछ माह से इस वनक्षेत्र में बाघावों का निरंतर दर्शन नागरिकों को हो रहा है. जिससे इस क्षेत्र में कुछ बाघों ने एन्ट्री करने की बात कहीं जा रही है. चंद्रपूर जिले के ताडोबा अभयारण्य बाघों के लिए प्रसिद्ध है. यहां के बाघों की संख्या बढने से अस्तीत्व के लिए बाघों बाघों में लढाई होकर कुछ बाघों की मृत्यू होने की घटना हुई थी. ताडोबा क्षेत्र के उक्त बाघ ब्रम्हपुरी वनक्षेत्र से वडसा वनक्षेत्र में स्थलांतरीत हुए होंगे, उसके पश्चात यह बाघ गडचिरोली वनक्षेत्र में प्रवेश किया होगा, ऐसा अनुमान व्यक्त हो रहा है.