Traffic stopped due to Culvert

पेरमिली से महज 5 किमी दूरी पर स्थित येरमनार नाले पर निर्माण किया गया पुलियां इस वर्ष की जोरदार बारिश में बह गया।

  • येरमनार नाला बना रूकावट
  • नए पुलिया निर्माण की मांग 

पेरमिली. पेरमिली से महज 5 किमी दूरी पर स्थित येरमनार नाले पर निर्माण किया गया पुलियां इस वर्ष की जोरदार बारिश में बह गया। पुलियां बहने के कारण 10 से 15 गांवों का यातायात बाधित हो रहा है। इस मार्ग पर आवागमन में येरमनार नाला रूकावट बना हुआ है। जिससे उक्त यहां पर उंचा पुलियां निर्माण कर यातायात सुचारू करने की मांग ग्रामीणों ने की है। 

पेरमिली से 5 किमी दूरी पर स्थित येरमनार नाले पर जून 2018 में भूमकाल संगठना द्वारा श्रमदान से पुलियां का निर्माण किया गया था। जिससे इस परिसर के नागरिकों की राह आसान हुई थी। पुलियां के निर्माण से इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही  शुरू थी। ऐसे में निरंतर हुई बारिश व बाढ के चलते उक्त पुलियां बह गया।

जिसके चलते इस नाले के उस पार के करीब 10 से 15 गांवों के नागरिकों की यातायात की समस्या फिर से निर्माण हुई है। बतां दे कि, उक्त परिसर नक्सल प्रभावित है। ऐसे में भुमकाल संगठना आगे आकर श्रमदान के माध्यम से उक्त पुलियां निर्माण किया था। जिससे इस परिसर के कापेवंचा, कोरसेपल्ली, नैनेर, एकरा, पालेकसा, आशा, मांढरा, दामरंचा भंगाराम पेठ, गुर्जा आदि गांवों नागरिकों की यातायात की समस्या हल हुई थी। मात्र बारिश व बाढ ने उन्हे फिर से समस्या में डाल दिया है।

ग्रामीण कर रहे जानलेवा सफर
येरमनार नाले के उस पार करीब 10 से 15 गांव है। वहां के ग्रामीणों के लिए अक्सर विभिन्न कार्यो के लिए पेरमिली में आना पडता है। विगत 1 माह पूर्व पुलियां बह गया, मात्र अबतक प्रशासन उक्त पुलियां की मरम्मत नहीं की है। जिससे इस परिसर के नागरिकों को जान जोखिम में डालकर नाला पार करना पड रहा है। इस परिसर के लोग प्रतिदिन जिवनावश्यक वस्तुओं के लिए पेरमिली में आते है। ऐसे में उन्हे पुलियां रहे, या न रहे जान जोखिम में डालकर आना ही पडता है। इस परिसर की समस्या को देखते हुए प्रशासन इस ओर ध्यान देने की मांग हो रही है।