अंतत: गेवर्धा के कृषिपंपों को बिजली आपूर्ति शुरू

  • किसानां के आंदोलन को मिली सफलता

कुरखेडा. लोडशेडिंग बंद कर कृषिपंपों को बिजली आपूर्ति सुचारू करे, इस मांग को लेकर पूर्व जिप सदस्य सुरेंद्रसिंह चंदेल के नेतृत्व में किसानों ने कुरखेडा के बिजली वितरण कंपनी के उपविभागीय अभियंता का 4 घंटे तक घेराव किया। इस आंदोलन की सुध लेते हुए महावितरण ने तत्काल कार्रवाई कर गेवर्धा परिसर के कृषिपंपों की बिजली आपूर्ति सुचारू की है। 

गेवर्धा व परिसर के गांवों में कृषि पंप के बिजली वाहिनी पर 16 घंटे लोडशेडिंग की जा रही थी। केवल 8 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही थी। फलस्वरूप किसान त्रस्त हुए थे। फिलहाल कुरखेडा तहसील में बारिश विलुप्त होने से धान फसल खतरे में है। लोडशेडिंग के कारण बिजली पंप द्वारा खेतों को सिंचाई करना कठिन हो रहा था। इस दौरान यह बात किसानों ने सुरेंद्रसिंह चंदेल को बताई. उनके नेतृत्व में उपविभागीय अधिकारी मुरकुटे को किसानों ने 4 घंटे तक घेराव किया।

गुरनोली के महावितरण के सबस्टेशन के समक्ष 22 सितंबर को चक्काजाम आंदोलन की चेतावनी चंदेल व किसानों ने महावितरण को दी थी। आंदोलन व चेतावनी की सुध लेते हुए उपअभियंता मुरकुटे व अधीक्षक अभियंता मेश्राम ने मुंबई के महावितरण के संचालक से चर्चा की। इसके बाद गेवर्धा परिसर में लोडशेडिंग रद्द करने का निर्णय लिया। जिससे अब गेवर्धा परिसर के किसानों को मोटरपंप द्वारा खेतों को सिंचाई करना संभव हुआ है।