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कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम का जन्म 16 सितंबर, 1945 को तमिलनाडु के छोटे से गांव कनाडुकथन के एक शाही परिवार में हुआ था. इनका पूरा नाम पलनिअप्पन चिदंबरम है. आरंभिक शिक्षा मद्रास क्रिश्चियन सेकेंडरी स्कूल, चेन्नई से पूरी करने के बाद पी. चिदंबरम ने प्रेसिडेंसी कॉलेज, चेन्नई से विज्ञान में सांख्यिकी विषय के साथ स्नातक की डिग्री प्राप्त की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, बोस्टन में दाखिला लिया. यहां से पी. चिदंबरम ने व्यवसाय प्रबंधन में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की.
कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम का जन्म 16 सितंबर, 1945 को तमिलनाडु के छोटे से गांव कनाडुकथन के एक शाही परिवार में हुआ था. इनका पूरा नाम पलनिअप्पन चिदंबरम है. आरंभिक शिक्षा मद्रास क्रिश्चियन सेकेंडरी स्कूल, चेन्नई से पूरी करने के बाद पी. चिदंबरम ने प्रेसिडेंसी कॉलेज, चेन्नई से विज्ञान में सांख्यिकी विषय के साथ स्नातक की डिग्री प्राप्त की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, बोस्टन में दाखिला लिया. यहां से पी. चिदंबरम ने व्यवसाय प्रबंधन में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की.
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पी. चिदंबरम ने अपने कॅरियर की शुरुआत चेन्नई उच्च न्यायालय में वकालत से की. वर्ष 1984 में वह वरिष्ठ वकील के तौर पर नामित हुए. दिल्ली और चेन्नई के उच्च न्यायालयों में पी. चिदंबरम के चैंबर भी हैं. विभिन्न राज्यों के उच्च न्यायालयों समेत पी. चिदंबरम सर्वोच्च न्यायालय में भी प्रैक्टिस कर चुके हैं. पी. चिदंबरम के परिवार में पत्नी नलिनी चिदंबरम और एक बेटा है. पी. चिदंबरम के दादा और परिवार के कई बड़े सदस्य इंडियन ओवरसीज बैंक, इंडियन बैंक, अन्नामलाई यूनिवर्सिटी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के सह-संस्थापक भी थे.
पी. चिदंबरम ने अपने कॅरियर की शुरुआत चेन्नई उच्च न्यायालय में वकालत से की. वर्ष 1984 में वह वरिष्ठ वकील के तौर पर नामित हुए. दिल्ली और चेन्नई के उच्च न्यायालयों में पी. चिदंबरम के चैंबर भी हैं. विभिन्न राज्यों के उच्च न्यायालयों समेत पी. चिदंबरम सर्वोच्च न्यायालय में भी प्रैक्टिस कर चुके हैं. पी. चिदंबरम के परिवार में पत्नी नलिनी चिदंबरम और एक बेटा है. पी. चिदंबरम के दादा और परिवार के कई बड़े सदस्य इंडियन ओवरसीज बैंक, इंडियन बैंक, अन्नामलाई यूनिवर्सिटी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के सह-संस्थापक भी थे.
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चिदंबरम के पिता पलनियप्पा चेट्टियार मशहूर उद्योगपति (Industrialist) थे. उनका टेक्सटाइल, ट्रेडिंग और प्लांटेशन का फैला हुआ कारोबार था. इसके अलावा उनके नाना राजा सर अन्नामलई चेट्टियार अन्नामलई यूनिवर्सिटी (Annamalai University) के साथ ही यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लि. के संस्थापक थे. अन्नामलई के भाई रामास्वामी ने इंडियन बैंक (Indian Bank) की स्थापना की थी और कुछ और बैंकों की स्थापना में भी शामिल थे.
चिदंबरम के पिता पलनियप्पा चेट्टियार मशहूर उद्योगपति (Industrialist) थे. उनका टेक्सटाइल, ट्रेडिंग और प्लांटेशन का फैला हुआ कारोबार था. इसके अलावा उनके नाना राजा सर अन्नामलई चेट्टियार अन्नामलई यूनिवर्सिटी (Annamalai University) के साथ ही यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लि. के संस्थापक थे. अन्नामलई के भाई रामास्वामी ने इंडियन बैंक (Indian Bank) की स्थापना की थी और कुछ और बैंकों की स्थापना में भी शामिल थे.
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1984 में चिदंबरम मद्रास हाई कोर्ट में बतौर सीनियर एडवोकेट नामित हुए थे. उनकी वकालत की शोहरत काफी थी इसलिए चेन्नई के अलावा दिल्ली में भी उनका दफ्तर हुआ करता था. सिर्फ मद्रास ही नहीं बल्कि देश के कई हाई कोर्ट और यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट तक में चिदंबरम ने वकालत की. कहा जाता है कि उनकी फीस काफी भारी भरकम हुआ करती थी.
1984 में चिदंबरम मद्रास हाई कोर्ट में बतौर सीनियर एडवोकेट नामित हुए थे. उनकी वकालत की शोहरत काफी थी इसलिए चेन्नई के अलावा दिल्ली में भी उनका दफ्तर हुआ करता था. सिर्फ मद्रास ही नहीं बल्कि देश के कई हाई कोर्ट और यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट तक में चिदंबरम ने वकालत की. कहा जाता है कि उनकी फीस काफी भारी भरकम हुआ करती थी.
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सक्रिय राजनीति और कांग्रेस पार्टी से निष्ठापूर्वक जुड़ने के पहले चिदंबरम का झुकाव और रुझान लेफ्ट विचारधारा वाली राजनीति की तरफ था. 1969 में वो द हिंदू के पत्रकार एन राम और फिर महिला कार्यकर्ता मैथिली शिवरम के साथ जुड़े थे और मिलकर उन्होंने एक अखबार शुरू किया था जिसका नाम था 'रेडिकल रिव्यू'.
सक्रिय राजनीति और कांग्रेस पार्टी से निष्ठापूर्वक जुड़ने के पहले चिदंबरम का झुकाव और रुझान लेफ्ट विचारधारा वाली राजनीति की तरफ था. 1969 में वो द हिंदू के पत्रकार एन राम और फिर महिला कार्यकर्ता मैथिली शिवरम के साथ जुड़े थे और मिलकर उन्होंने एक अखबार शुरू किया था जिसका नाम था 'रेडिकल रिव्यू'.
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एक मीडिया समूह को दिए इंटरव्यू में चिदंबरम ने बताया था कि एमआरएफ, केसीपी और शहर ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन में ट्रेड यूनियन लीडर भी रह चुके थे. चूंकि वह मार्क्सवादी विचार और लेफ्ट विचारधारा में यकीन रखते थे इसलिए उन्होंने ये भूमिका भी निभाई और इसी दौरान कांग्रेस से उनका जुड़ाव शुरू हुआ. चिदंबरम को 'कांग्रेस का लेफ्ट' कहा करते थे.
एक मीडिया समूह को दिए इंटरव्यू में चिदंबरम ने बताया था कि एमआरएफ, केसीपी और शहर ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन में ट्रेड यूनियन लीडर भी रह चुके थे. चूंकि वह मार्क्सवादी विचार और लेफ्ट विचारधारा में यकीन रखते थे इसलिए उन्होंने ये भूमिका भी निभाई और इसी दौरान कांग्रेस से उनका जुड़ाव शुरू हुआ. चिदंबरम को 'कांग्रेस का लेफ्ट' कहा करते थे.
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चिदंबरम ने परिवारों की इच्छा की खिलाफ अपनी प्रेमिका नलिनी के साथ घर बसाया था. नलिनी सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रहे पीएस कैलासम की बेटी हैं और नलिनी की मां सौंद्रा कैलासम तमिल भाषा की महत्वपूर्ण कवयित्री और लेखिका रहीं.
चिदंबरम ने परिवारों की इच्छा की खिलाफ अपनी प्रेमिका नलिनी के साथ घर बसाया था. नलिनी सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रहे पीएस कैलासम की बेटी हैं और नलिनी की मां सौंद्रा कैलासम तमिल भाषा की महत्वपूर्ण कवयित्री और लेखिका रहीं.
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साल 1996 में राजनीतिक उठापटक का दौर जारी था, तब चिदंबरम ने कांग्रेस पार्टी से अलग होकर तमिलनाडु में तमिल मनीला कांग्रेस के नाम से एक क्षेत्रीय पार्टी बनाई थी, जो अस्ल में कांग्रेस के ही एक धड़े के तौर पर समझी गई. 1996 में तमिल मनीला कांग्रेस उस गठबंधन सरकार में शामिल थी जिसमें कई क्षेत्रीय पार्टियां जुड़ी थीं और यह गठबंधन सरकार चिदंबरम के लिए बड़ा मौका बनी.
साल 1996 में राजनीतिक उठापटक का दौर जारी था, तब चिदंबरम ने कांग्रेस पार्टी से अलग होकर तमिलनाडु में तमिल मनीला कांग्रेस के नाम से एक क्षेत्रीय पार्टी बनाई थी, जो अस्ल में कांग्रेस के ही एक धड़े के तौर पर समझी गई. 1996 में तमिल मनीला कांग्रेस उस गठबंधन सरकार में शामिल थी जिसमें कई क्षेत्रीय पार्टियां जुड़ी थीं और यह गठबंधन सरकार चिदंबरम के लिए बड़ा मौका बनी.
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चिदंबरम उन गिने चुने नेताओं में शुमार रहे, जो बेहद शिक्षित रहे हैं. मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से स्कूली शिक्षा के बाद चेन्नई के लॉयला कॉलेज से प्री यूनिवर्सिटी डिग्री के बाद उन्होंने मद्रास लॉ कॉलेज से एलएलबी की डिग्री हासिल की. इसके बाद चिदंबरम ने 1968 में हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल से एमबीए भी किया.
चिदंबरम उन गिने चुने नेताओं में शुमार रहे, जो बेहद शिक्षित रहे हैं. मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से स्कूली शिक्षा के बाद चेन्नई के लॉयला कॉलेज से प्री यूनिवर्सिटी डिग्री के बाद उन्होंने मद्रास लॉ कॉलेज से एलएलबी की डिग्री हासिल की. इसके बाद चिदंबरम ने 1968 में हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल से एमबीए भी किया.
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तमिलनाडु के कुड्डलूर ज़िले में एक कस्बे का नाम चिदंबरम है. 2011 की जनगणना के हिसाब से यहां की आबादी 62 हज़ार से कुछ ज़्यादा थी. इसके नाम से पी चिदंबरम के नाम की कोई समानता नहीं है लेकिन यह वही कस्बा है, जहां 1929 में उनके नाना ने अन्नामलई यूनिवर्सिटी की स्थापना की थी, यह यूनिवर्सिटी राज्य की पुरानी और महत्वपूर्ण यूनिवर्सिटियों में से एक रही है.
तमिलनाडु के कुड्डलूर ज़िले में एक कस्बे का नाम चिदंबरम है. 2011 की जनगणना के हिसाब से यहां की आबादी 62 हज़ार से कुछ ज़्यादा थी. इसके नाम से पी चिदंबरम के नाम की कोई समानता नहीं है लेकिन यह वही कस्बा है, जहां 1929 में उनके नाना ने अन्नामलई यूनिवर्सिटी की स्थापना की थी, यह यूनिवर्सिटी राज्य की पुरानी और महत्वपूर्ण यूनिवर्सिटियों में से एक रही है.
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यूपीए के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती केंद्र सरकार के कार्यकाल के दौरान चर्चित 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में भी चिदंबरम का नाम आया था.
यूपीए के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती केंद्र सरकार के कार्यकाल के दौरान चर्चित 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में भी चिदंबरम का नाम आया था.
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सुब्रमण्यम स्वामी ने इस घोटाले में उन्हें सितंबर 2011 में आरोपी बताया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट और सीबीआई कोर्ट ने उस मामले में उन्हें क्लीन चिट दे दी थी.
सुब्रमण्यम स्वामी ने इस घोटाले में उन्हें सितंबर 2011 में आरोपी बताया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट और सीबीआई कोर्ट ने उस मामले में उन्हें क्लीन चिट दे दी थी.
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देश के कई नेताओं पर जूते या चप्पल उछाले जाने के कांड चर्चित रहे हैं और ऐसा ही मामला चिदंबरम के साथ जुड़ा था जब एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक सिख पत्रकार जरनैल सिंह ने उन पर जूता फेंका था. ये भी एक तथ्य है कि ऐसा संभवत: देश में पहली बार हुआ था जब एक केंद्रीय मंत्री पर जूता फेंका गया.
देश के कई नेताओं पर जूते या चप्पल उछाले जाने के कांड चर्चित रहे हैं और ऐसा ही मामला चिदंबरम के साथ जुड़ा था जब एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक सिख पत्रकार जरनैल सिंह ने उन पर जूता फेंका था. ये भी एक तथ्य है कि ऐसा संभवत: देश में पहली बार हुआ था जब एक केंद्रीय मंत्री पर जूता फेंका गया.