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डेलीमेल की रिपोर्ट के अनुसार, अदा के मामा एजाज अहमद ने बताया कि, मध्य बडगाम जिले के ओमपुरा में स्थित अदा मीर (4 वर्षीय) के घर में उसके बड़े भाई अली का सातवां जन्मदिन मनाया जा रहा था। इस दौरान वह 'बार्बी डॉल' के जैसे कपड़े पहनकर तैयार हुई थी।
डेलीमेल की रिपोर्ट के अनुसार, अदा के मामा एजाज अहमद ने बताया कि, मध्य बडगाम जिले के ओमपुरा में स्थित अदा मीर (4 वर्षीय) के घर में उसके बड़े भाई अली का सातवां जन्मदिन मनाया जा रहा था। इस दौरान वह 'बार्बी डॉल' के जैसे कपड़े पहनकर तैयार हुई थी।
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जन्मदिन मनाने के लिए ही वो अपनी नानी के घर से वापस लौटी थी। वह सजधज कर तैयार हुई और भाई का केक काटे जाने के लिए बरामदे में बैठे अपने दादा को बुलाने गई थी तभी यह घटना हुई और तेंदुआ उसे उठाकर ले गया।
जन्मदिन मनाने के लिए ही वो अपनी नानी के घर से वापस लौटी थी। वह सजधज कर तैयार हुई और भाई का केक काटे जाने के लिए बरामदे में बैठे अपने दादा को बुलाने गई थी तभी यह घटना हुई और तेंदुआ उसे उठाकर ले गया।
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जिसके बाद बच्ची की तलाश में परिवार, पड़ोसी और वन अधिकाकारी जुटे हुए थे इस दौरान उन्हें खून के कुछ धब्बे और उसकी गुड़िया मिली। अगले दिन पास ही में एक जंगल से लड़की के शत-विशत शव के अवशेष मिले।
जिसके बाद बच्ची की तलाश में परिवार, पड़ोसी और वन अधिकाकारी जुटे हुए थे इस दौरान उन्हें खून के कुछ धब्बे और उसकी गुड़िया मिली। अगले दिन पास ही में एक जंगल से लड़की के शत-विशत शव के अवशेष मिले।
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लोगों ने 4 साल की अदा यासिर मीर को नम आंखों से विदाई दी और अंतिम संस्कार किया गया। लोग इस घटना से गुस्सा में है और ट्विटर के जरिए अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
लोगों ने 4 साल की अदा यासिर मीर को नम आंखों से विदाई दी और अंतिम संस्कार किया गया। लोग इस घटना से गुस्सा में है और ट्विटर के जरिए अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
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स्थानीय निवासियों की माने तो उन्होंने वन्यजीव अधिकारियों को इसकी चेतावनी दी थी कि स्थानीय क्षेत्र में कुछ तेंदुए देखे गए हैं लेकिन उनके द्वारा 'कुछ नहीं' किया गया।
स्थानीय निवासियों की माने तो उन्होंने वन्यजीव अधिकारियों को इसकी चेतावनी दी थी कि स्थानीय क्षेत्र में कुछ तेंदुए देखे गए हैं लेकिन उनके द्वारा 'कुछ नहीं' किया गया।
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वहीं क्षेत्रीय वन्यजीव संरक्षक (कश्मीर) राशिद नकश ने घटना पर शोक व्यक्त किया, लेकिन कहा कि इसके लिए उनके विभाग को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
वहीं क्षेत्रीय वन्यजीव संरक्षक (कश्मीर) राशिद नकश ने घटना पर शोक व्यक्त किया, लेकिन कहा कि इसके लिए उनके विभाग को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।