लोक अदालत में 189 प्रकरणों का निपटारा

गोंदिया. न्यायालय में वर्षों से प्रलम्बित प्रकरणों का समन्वय व सामंजस्य के साथ निवारण करने के लिए राष्ट्रीय विधि सेवा प्राधिकरण दिल्ली व महाराष्ट्र राज्य विधि सेवा प्राधिकरण, उच्च न्यायालय मुंबई के निर्देशानुसार जिला विधि सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा जिला व अपर सत्र न्यायालय के प्रमुख न्यायधीश सुहास माने व जिला विधि सेवा प्राधिकरण के सचिव एम. बी. दुधे के मार्गदर्शन में विधि सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय गोंदिया तथा जिले की सभी तहसील विधि सेवा समितियों के माध्यम से तहसील स्थित न्यायालयों में समन्वय न्याय प्रविष्ठ व पूर्व न्याय प्रविष्ठ प्रकरण, विद्युत व बैंक, जनोपयोगी पूर्व न्याय प्रविष्ठ प्रकरणों के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. इसमें प्रलम्बित दिवानी 224 प्रकरणों में से 17 प्रकरणों का निवारण किया गया.

जिसमें 48 लाख 94 हजार 615 रुपये की वसूली की गई. न्यायालय में प्रलंबित 905 फौजदारी प्रकरणों में से 93 प्रकरणों का निवारण किया गया. जिसमें 61 लाख 12 हजार 240 रुपये की वसूली की गई. इसी तरह पूर्व में न्याय प्रविष्ठ 2426 प्रकरणों में से 79 प्रकरणों पर निर्णय दिया गया. जिसमें 29 लाख 20 हजार 239 रु. की वसूली की गई. इस तरह कुल 3555 प्रकरणों में से 189 प्रकरणों का निपटारा किया गया. इसमें कुल 1 करोड़ 39 लाख 27 हजार 94 रु. की वसूली की गई.

इन प्रकरणों के निवारण से पक्षकार व अन्य को होने वाली मानसिक व आर्थिक परेशानी से छुटकारा मिल गया. इस निर्णय का अनेक पक्षकारों ने समाधान व्यक्त किया है. लोक अदालत की विशेषता यह रही कि विद्युत, पानी, टेलीफोन विभाग के पूर्ण न्याय प्रविष्ठ प्रकरण जिन पक्षकारों ने समन्वय के साथ बकाया की पूर्व रकम संबंधित विभागों में जमा की है. जिससे संबंधित विभाग व बकायादारों का भविष्य में न्यायालय में होने वाला खर्च व मानसिक परेशानी से बच गए हैं.

इस कार्रवाई में न्यायधीश एस.बी.पराते, एस.जे.भट्टाचार्य, एन.आर. वानखेडे, जे.एम.चव्हान, आर.डी.पुनसे, वी.आर. आसुदानी, वी.आर.मालोदे, पी.सी.बघेले ने तथा पॅनल पर एड.ज्योति भरने, मंजुलता चतुर्वेदी, वैशाली उके, नीना दुबे, सुनीता चौधरी, दर्शना रामटेके, मंगला बंसोड, कौशल्या खटवानी, सामाजिक कार्यकर्ता मधुकर नखाते, सविता तुरकर, आशा ठाकुर, संगीता घोष, रविंद्र बडगे, डा. माधुरी नासरे, रजनी रामटेके ने सहयोग किया.