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गोंदिया. शालेय शिक्षण विभाग ने 23 नवंबर से 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं को शुरू किया है. इसके लिए शिक्षकों की कोरोना जांच व विद्यार्थियों को शाला में भेजने के लिए पालकों के सहमति पत्र अनिवार्य किए गए है, लेकिन अब तक जिले में केवल 23 प्रश पालकों ने ही सहमति पत्र दिए हैं. वहीं 369 में से 226 शालाएं शुरू हुई हैं. जिसमें केवल 18 प्रश विद्यार्थियों ने विद्यालय में हाजिरी लगाई है. जबकि जिले में 9वीं से 12वीं तक कुल 369 शाला, महाविद्यालय है. जिसमें विद्यार्थियों की संख्या 61 हजार 301 है. 23 नवंबर से विद्यालय शुरु हो गए है फिर भी विद्यार्थियों की उपस्थिति नहीं बढ़ने से विद्यार्थी व पालकों में अब भी कोरोना का भय कायम है.

140 शिक्षकों को कोरोना

शाला शुरू हुए इतने दिन बीत गई है. इस बीच 11 हजार 221 विद्यार्थी अब तक स्कूल, महाविद्यालयों में पहुंचे हैं. इन 369 शालाओं में 3319 शिक्षक कार्यरत है. इसमें से अब तक 2,809 शिक्षकों की कोरोना टेस्ट की गई. इसमें अधिकांश शिक्षकों की कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है. वहीं 140 शिक्षकों को कोरोना प्रभावित पाया गया है. पालक, शिक्षक व शाला व्यवस्थापन समिति की मंजूरी के बाद ही स्कूल शुरू करने का निर्णय लिया गया है.

इस संबंध में शिक्षणाधिकारी के अनुसार जिले में अब तक 226 शालाएं शुरू हुई है. शेष शालाओं को शुरू करते समय पालक, शिक्षक समिति, शाला व्यवस्थापन समिति इन सभी की सहमति से शाला शुरू करने का निर्णय लिया जा रहा है. इसके साथ ही कोरोना प्रतिबंधक उपाय योजना के लिए टेस्ट भी कराए जा रहे हैं.