The FBI announced a $ 15,000 reward for providing information on those accused of killing an Indian citizen

गोंदिया. जिले की नक्सलग्रस्त व संवेदनशील तहसील देवरी अंतर्गत चिचगड़ थाने की सीमा क्षेत्र वाले कोटजांभोरा में 26 सितंबर को एक युवक की पत्थर से प्रहार कर हत्या कर दी गई थी. इस प्रकरण की गुत्थी सुलझाकर जिला अपराध शाखा की टीम ने 24 घंटे के अंदर मृतक के सगे भाई सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता प्राप्त की है.

जंगल में फेंका था शव
घटना की जानकारी कोटजांभोरा के पुलिस पाटिल उमेश कुवरलाल दुधनाग (35) ने चिचगड़ पीएसओ पहुंचकर दी थी. जिसमें उन्होंने बताया था कि कोटजांभोरा की सीमा पर नवेगांवबांध मार्ग से 100 मीटर अंदर जंगल में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा है. सूचना मिलते ही चिचगड़ के थानेदार ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया. एक अज्ञात व्यक्ति के गले पर पहार कर उसकी हत्या कर रात के समय शव जंगल में फेंका दिखाई दिया.

इस घटना की जानकारी मिलने पर उप विभागीय पुलिस अधिकारी जालिंदर नालकुल, एपीआई अतुल तवाडे, जिला अपराध शाखा के एपीआई रमेश गर्जे स्टाफ सहित घटनास्थल पर पहुंच गए. मुआयना करने के बाद परिसर के लोगों से मृतक के संदर्भ में पूछताछ की गई. किंतु मृतक की शिनाख्त नही हो सकी. ऐसी स्थिति में मृतक की शिनाख्त के साथ ही अपराधियों की खोज करना पुलिस के लिए चुनौती थी.

बनाई गई थी 3 टीमें
इस गंभीर प्रकरण को ध्यान में रखकर जिला पुलिस अधीक्षक विश्व पानसरे व अपर पुलिस अधीक्षक अतुल कुलकर्णी ने उप विभागीय पुलिस अधिकारी जालिंदर नालकुल के मातहत जिला अपराध शाखा तथा चिचगड़ व सालेकसा पुलिस थाने के अधिकारी व कर्मियों की 3 अलग-अलग टीमों का गठन कर उन्हें हत्या के अपराधियों को गिरफ्तार करने की सूचना दी.

इस बीच मृतक हरदोली निवासी होने की सूचना पुलिस को मिली. जिससे हरदोली पहुंचकर पुलिस ने मृतक की शिनाख्त सोमेश्वर उमराज पटले (22) के रूप में की. इतना ही नहीं उसका भाई थमेश्वर उमराज पटले से विवाद होने की जानकारी मिल गई. इस दौरान पुलिस ने गुप्त जानकारी निकाली. जिसमें थमेश्वर पटले यह अपने 2 मित्रों को साथ लेकर देर रात कहीं पर जाने की जानकारी पुलिस के हाथ लग गई.

हमेशा भाई के साथ होता था विवाद
जिससे सबसे पहले संदिग्ध आरोपी हरदोली निवासी हसन ईश्वरदास डोंगरे (21) को पुलिस ने उसके घर से उठाया. पुलिस ने उससे सख्ती के साथ पुछताछ की. जिस पर हसन डोंगरे ने बताया कि मृतक सोमेश्वर का थमेश्वर के साथ घर पर हमेशा विवाद होते रहता था. इससे थमेश्वर यह त्रस्त हो गया था. जिससे मैं थमेश्वर के कहने पर सोमेश्वर को घर से बाहर बुलाकर उसे शराब पिलाकर मेरी मोटरसाइकिल पर चिचगड़ परिसर के कोटजांभोरा लेकर गया. इसी बीच हमारे पीछे-पीछे मेरा मित्र सोनारटोला निवासी दिनदयाल बागडे (21) व थमेश्वर पटले यह दोनों आ गए. इसके बाद हम तीनों ने मिलकर सोमेश्वर के सिर पर प्रहार कर उसकी हत्या कर दी. इस अपराध को स्वीकार करने पर तत्काल थमेश्वर पटले व शैलेश बागडे को एक एक कर दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार किया.

2 तक का मिला PCR
इन कथित तीनों अपराधियों ने हत्या की बात कबुल की है. चिचगड़ के थानेदार अतुल तवाडे ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों को 29 सितंबर की दोपहर में प्रथम श्रेणी न्याय दंडाधिकारी न्यायाधीश के समक्ष पेश किया. जहां उन्हें 3 दिन की 2 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत दी गई है. इस कार्रवाई में एसडीपीओ नालकुल, थानेदार तवाडे, जिला अपराधा शाखा के एपीआई गर्जे, सालेकसा पीएसओ के उपनिरीक्षक सुनील धनवे, कांस्टेबल लिलेंद्रसिंह बैस, गोपाल कापगते, दिक्षितकुमार दमाहे, रवि जाधव, सुधाकर शहारे, दुर्गादास गंगापारी, कंवलपालसिंग भाटिया, बिजेंद्र बिसेन, दीपक रहांगडाले, प्रशांत सोनी आदि ने सहयोग किया. कार्रवाई के लिए जिला पुलिस अधीक्षक विश्व पानसरे ने टीम के अधीकारी व कर्मियों का अभिनंदन किया है.