नियुक्ति की प्रतीक्षा में 800 युवा, 2018 में दी थी पुलिस भर्ती परीक्षा, वेंटिंग से अब तक नहीं लगा नंबर

    गोंदिया. अनेक युवाओं ने पुलिस में भर्ती होने के अपने स्वप्न को पूरा करने के लिए तैयारी की और शासन द्वारा ली गई भर्ती के सभी चरण पार किए. पात्र उम्मीदवारों की सूची घोषित हुई. इसमें कुछ प्रतीक्षा सूची में रह गए. अवधि खत्म होते तक यह सूची जाहिर नहीं हुई जिससे उनकी नियुक्ति नहीं हो पाई है. इसमें राज्य के कुछ विभागों की प्रतीक्षा सूची की अवधि में वृद्धि की गई है.

    इसी तर्ज पर पुलिस दल में निर्णय भी होगा ऐसी अपेक्षा उम्मीदवारों की है. फरवरी 2018 में 3, 400 पदों के लिए भर्ती ली गई. इसमें 2,600 पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति की गई. जबकि 800 को प्रतीक्षा सूची में रखा गया. प्रतीक्षा सूची की कालावधि एक वर्ष की होती है लेकिन अब तक किसी  उम्मीदवार को मौका नहीं मिला. वेटिंग ओपन नहीं होने से इंतजार हो रहा है.

    अब कुछ उम्मीदवारों ने पात्र आयु सीमा पार कर ली. राज्य में कुछ विभागों ने सन 2017 की वेटिंग ओपन की थी. प्रादेशिक परिवहन, स्वास्थ्य व अन्य कुछ विभागों की प्रतीक्षा सूची की अवधि ढाई वर्ष बढ़ाई गई. इसी पृष्ठभूमि पर पुलिस भर्ती की भी प्रतीक्षा सूची की  कालावधि बढाने की मांग करते हुए नियुक्ति के लिए उनका संघर्ष शुरू है. 

    कोरोना काल में नहीं हुई पद भर्ती

    कोरोना के दौरान पुलिस दल में अधिक मनुष्यबल की जरूरत बताई की जा रही है जबकि पद भर्ती नहीं ली गई. इसमें प्रतीक्षा सूची में शामिल उम्मीदवारों का विचार होना चाहिए. ऐसी अपेक्षा उम्मीदवारों ने व्यक्त की. राज्य के गृह विभाग  द्वारा बडे पैमाने पर पद भर्ती की घोषणा हुई है. उसके पहले नियुक्ति की मांग इन 800 प्रतीक्षा सूची वाले उम्मीदवारों ने की है. 

    वर्तमान गृहमंत्री प्राथमिकता से ध्यान दें 

    तत्कालीन राज्य उत्पादन शुल्क मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को 30 जनवरी 2020 को पत्र लिखकर पुलिस प्रतीक्षा सूची के उम्मीदवारों को सहयोग करने का आग्रह किया था. अब पाटिल स्वयं गृहमंत्री हैं. उन्हें इस पर से ध्यान देना चाहिए. ऐसी मांग भी की गई है. 

    सहानुभूति से हो विचार  

    प्रतीक्षा सूची में आने के बाद से नियुक्ति के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. उम्मीदवारों के भविष्य का विचार कर नियुक्ति हो इसके लिए शासन को इस पर सहानुभूति पूर्वक विचार करना चाहिए. अन्य विभागों द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार पुलिस दल भी प्रतीक्षा सूची की अवधि बढ़ाने पर विचार करें, ऐसी अपेक्षा इन उम्मीदवारों ने की है.