कृषि : फसल बीमा योजना से किसानों का मोहभंग, प्रीमियम भरा लेकिन अनेकों को अब तक नहीं मिला योजना का लाभ

    गोरेगांव.  तहसील में इन दिनों खरीफ फसल 2021 प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठाने रिलायंस जनरल इन्शुरेंस कंपनी जोरशोर से प्रचार करने में लगी हुई है  लेकिन  अधिकतर किसान इस योजना में जुड़ने के लिए अपनी रुचि नहीं दिखा रहे हैं. जबकि प्रशासन ने फसल बीमा योजना के आनलाइन आवेदन दाखिल करने  की अंतिम तारीख 15 जुलाई रखी है.

    फिर भी यहां अधिकतर किसान आनलाइन आवेदन भरने के मूड में नहीं दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खटाई में आते दिख रही है. उल्लेखनीय है केंद्र सरकार तथा राज्य सरकारों द्वारा किसानों के फसलों को नैसर्गिक आपदा में होने नुकसान की भरपाई का लाभ देने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ फसल 2021 पूरे राज्य में चलाई जा रही है. जिसके चलते बीमा कंपनी द्वारा  योजना की जानकारी किसानों तक पहुंचाने  प्रचार में खर्च कर रही है.

    जिसके चलते यहां क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से रिलायंस इन्शुरेंस कंपनी पांपलेट व बैनरों के माध्यम से  योजना की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के कार्य में लगी हुई है लेकिन यहां किसानों में इसका प्रभाव नहीं पड़ता दिखाई दे रहा है. ऐसे में बीमा योजना का लाभ उठाने में किसान कोई रुचि नहीं दिखा रहा है. इस बीच क्षेत्र के किसानों से मिली जानकारी के अनुसार इसके पूर्व भी उनके द्वारा अनेक बार फसल बीमा योजना आवेदन दाखिल किए जाने पर भी वे लाभ से वंचित हैं.

    जिसमें प्रति एकड़ जमीन के अनुसार प्रीमियम भरा गया लेकिन फसलों की नुकसान भरपाई का लाभ एक बार भी नहीं मिला है. यहां नुकसान होने पर केवल पंचनामा करने का काम किया गया है लेकिन  नुकसान भरपाई रामभरोसे छोड़ दी  गई है. जिसके चलते यहां अधिकतर किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत आनलाइन फॉर्म भरने के मूड में नहीं दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में यहां 15 जुलाई करीब होने पर भी आनलाइन फॉर्म भरने की संख्या काफी कम है ऐसे में यह योजना खटाई में आते दिख रही है.  

    किसानों से ऑनलाइन फार्म भरने की अपील

    किसान नेता रेखलाल टेंभरे ने क्षेत्र के किसानों को अपनी खरीफ फसलों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठाने  ऑनलाइन फॉर्म भरने का आह्वान किया है.  उन्होंने बताया कि प्रशासन ने किसानों को आनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा के लिए ग्राम पंचायतों में CSC I,D दे रखी है लेकिन यहां ग्राम पंचायत ऑपरेटरों द्वारा कीसानों को टालमटोल करने का काम किया जाता है. ऐसे में इस विषय पर ग्राम सचिवों को ध्यान देने की आवश्यकता है.