Schools will not start in September also, teacher friend campaign in Manpa and ZP

  • नई शिक्षा नीति का शुरू हुआ क्रियान्वयन

गोंदिया. नई राष्ट्रीय शैक्षणिक नीति में पूर्व प्राथमिक शिक्षा पर जोर दिया गया है. इसके क्रियान्वयन की अब महाराष्ट्र में शुरुआत हो गई है. जिससे पूर्व प्राथमिक स्तर पर विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा देने के लिए सभी आंगनवाड़ियां प्राथमिक शाला के साथ लिंक की जाएगी. इसके लिए शालेय सचिव वंदना कृष्णा को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है. राज्य में फिलहाल 1 लाख 8 हजार 5 आंगनवाड़ी केंद्र हैं. जहां 4 हजार पर्यवेक्षक व 2 लाख आंगनवाड़ी सेविका व सहायिका कार्यरत हैं. वहीं 1 लाख 10 हजार शालाओं की संख्या हैं.

विभागों में समन्वय जरूरी

इसमें से अधिकांश आंगनवाड़ियां स्थानीय स्वराज्य संस्था की शाला वाले परिसर में हैं लेकिन प्राथमिक शाला शिक्षा विभाग की आंगनवाड़ियां महिला व बाल विकास विभाग अंतर्गत हैं. इसी श्रृंखला में अब आंगनवाड़ी व शाला का एकत्रीकरण करने के बाद इन दोनों विभागों को एक-दूसरे से समन्वय रखना आवश्यक हो गया है. इसी में राज्य के शिक्षा सचिव ने सभी जिप को आदेश जारी कर इन दोनों विभागों की समन्वय बैठक लेने के निर्देश दिए हैं. इसी तरह सात दिनों में जिले की सभी आंगनवाड़ी केंद्र शालाओं से जोड़कर उस संबंध में रिपोर्ट मंगायी है.

आंकड़ों में अंतर

दो विभागों के आंकड़ों में भारी अंतर है. शिक्षा विभाग ने यूडायस प्रणाली में संकलित किए आंकड़ों के अनुसार 43 हजार आंगनवाड़ियां प्राथमिक शाला के प्रांगण में हैं, जबकि एकात्मिक बाल विकास आयुक्तालय के आंकड़ों के अनुसार ऐसी आंगनवाड़ियों की संख्या केवल एक हजार है. जिससे इन दोनों विभागों के आंकड़ों में अंतर स्पष्ट दिखाई दे रहा है. 

क्यों हो रहा है एकत्रीकरण

जिले में 3 से 6 वर्ष आयु वाले बालकों को आंगनवाड़ी में पूर्व प्राथमिक शिक्षा दी जाती है. 6 वर्ष पूर्ण होने के बाद यह बालक प्राथमिक शाला में जाते हैं, लेकिन आंगनवाड़ी में यह बालक शैक्षणिक दृष्टि से पूरिपूर्ण नहीं हैं. जिससे शैक्षणिक दृष्टि से बालक प्राथमिक शिक्षा में पीछे रहते हैं. प्राथमिक शाला व आंगनवाड़ी केंद्र को एक साथ लाकर दर्जेदार पूर्व प्राथमिक शिक्षा दी जाएगी. 

लिंकिंग के बाद नए उपक्रम

शाला व आंगनवाड़ी केंद्र एक-दूसरे से जोड़ने के बाद आंगनवाड़ी सेविकाओं को प्राथमिक शिक्षकों की तरह प्रशिक्षण दिया जाएगा. उन्हें पूरक अध्यापन, अध्ययन सामग्री की पूर्ति की जाएगी. आकार पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शन किया जाएगा. इसी तरह समग्र शिक्षा अभियान की विभिन्न योजना आंगनवाड़ी केंद्र में लागू की जाएगी.