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  • शिक्षाधिकारी के आदेश के अनदेखी

गोंदिया. केंद्र प्रमुख व मुख्याध्यापकों के अनेक जगह रिक्त है. केंद्र प्रमुख सेवानिवृत्त हुआ है या तबादला होने पर उनका कार्यभार किसे दें. इसके लिए जोड़तोड़ कर अधिकारियों से मिलीभगत कर सहायक व कनिष्ठ शिक्षकों ने कार्यभार लिया है. इतना ही नहीं दूसरे केंद्र का भी अतिरिक्त कार्यभार लिया है. जिससे वरिष्ठ शिक्षकों पर अन्याय हो रहा हैं. इस संबंध में वरिष्ठ शिक्षकों ने गुट शिक्षाधिकारी व शिक्षाधिकारी (प्राथमिक) के ध्यान में यह बात ला दी है.

अपनाया जा रहा पक्षपातपूर्ण रवैया
प्राथमिक शिक्षाधिकारी राजकुमार हिवारे ने हस्तक्षेप कर गुट शिक्षाधिकारियों को आदेश दिया हैं. केंद्र प्रमुख के स्थानांतर या सेवानिवृत्ति के बाद उनका अतिरिक्त प्रभार केंद्र के सेवा जेष्ठ पदवीधर मुख्याध्यापक, पदवीधर शिक्षक या शिक्षकों को देन के आदेश में स्पष्ट उल्लेख है. इतना ही नहीं पदभार सौंपते समय अनुचित कार्य होने पर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए है.

इस आदेश को जारी हुए 2 महीने की अवधि बीत गए है. इसके बाद भी जिले के कुछ शिक्षाधिकारी पक्षपातपूर्ण रवैया अपना कर कनिष्ठ शिक्षकों के पास ही कार्यभार दे रह हैं. इसमें शिक्षाधिकारी के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है. शैक्षणिक कार्य के संदर्भ में शिक्षाधिकारी से आए आदेश पर क्रियान्वयन करने की बात कहने वाले गुट शिक्षाधिकारी स्वयं नियम लागू नहीं कर रहे हैं. जबकि इस आदेश के बाद कार्यभार वाले कनिष्ठ शिक्षकों ने अपना स्वाभिमान जागृत रखकर स्वयं केंद्र के वरिष्ठ शिक्षकों को केंद्र प्रमुख पद का कार्यभार देना आवश्यक था. उन्होंने प्रभारी केंद्र प्रमुख पद पर चिपक कर रहने में ही अपनी भलाई समझ ली है.