Gharkul Yojna se Wanchit

  • अनेक गरीब परिवार खुले में रहने को मजबूर

सड़क अर्जुनी. केंद्र व राज्य शासन द्वारा तीन दशक से गरीब परिवारों के लिए विभिन्न योजना के अनुसार घरकुल योजना का लाभ जरूरतमंद व गरीब लाभार्थियों को नहीं मिल रहा है. आज भी अनेक गरीब परिवार घरकुल योजना से वंचित हैँ. वहीं कई जरूरतमंद परिवार घरकुल के लिए शासकीय कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं. इसके बाद भी उन्हें घरकुल नहीं मिले है. जिससे उन्हें खुले में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. इस ओर जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को ध्यान देने की जरूरत है.

बिना लेन-देन के नहीं मिलता लाभ

सड़क अर्जुनी तहसील के सौंदड़ स्थित कुंभार समाज के मूर्तिकार हरिभाऊ ठाकरे की सन 2001 में मृत्यु हो गई. जिससे उनकी पत्नी बेघर हो गई. डॉ आंबेडकर वार्ड निवासी बेनुबाई हरिभाऊ ठाकरे (75) के पति की 20 वर्ष पूर्व मृत्यु हो गई थी. सुरेश ठाकरे का घर सन 2017 में गिर गया. उक्त घर 4 पीढ़ियों से मिट्टी का होने से जीर्ण था. मकान गिरने पर घर का सभी सामान मिट्टी के मलबे में दब गया. जिससे परिवार वाले टूटी-फूटी झोपड़ी में रहने लगे हैं. पिछले 15 वर्षों से घरकुल योजना के लाभ के लिए उक्त परिवार शासकीय कार्यालय में आना-जाना कर रहा है, लेकिन उन्हें घरकुल योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है. ग्राम के जनप्रतिनिधि बदल गए हैं, जबकि घरकुल की प्रतीक्षा आज भी कायम है.

इस योजना का लाभ जनप्रतिनिधि व अधिकारी अपने पसंद वाले लोगों को देते हैँ. जिससे जरूरतमंद लाभार्थी इस योजना से वंचित हैं. इस तरह के प्रकरण अनेक ग्रामों में देखे जा रहे हैं. इस योजना का लाभ सही जरूरतमंद लाभार्थियों को नहीं मिल रहा है. जिससे सही लाभार्थियों को इस योजना के लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है. घरकुल योजना के लिए शासन के दरबार में आओ व योजना लेकर जाओ ऐसी प्रक्रिया पंस में शुरू है.

घरकुल योजना 3 वर्ष के लिए बेरोजगार अभियंता की देखरेख में है. जिससे घरकुल योजना का बिना लेन-देन कर लाभ नहीं मिलता है. योजना अंतर्गत काम करने वाले अनेक अधिकारी व कर्मचारी भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग के हत्थे चढ़े हैं. इस लेन देन के कार्य में जनप्रतिनिधि, पंस कार्यालय के अधिकारी, ग्रापं पदाधिकारी भी शामिल होने की चर्चा है. इस संबंध में यदि किसी ने शिकायत भी कर दी तो नाममात्र जांच की जाती है.