Toilet Filthiness, Dirty

आमगांव. केंद्र सरकार की ओर से एक ओर स्वच्छ भारत मिशन पर जोर दे रही हैं, वहीं दूसरी ओर आमगांव नप की ओर से लापरवाही बरती जा रही है. नगर में सार्वजनिक शौचालय देखते ही देखते गायब हो गए हैं. इसमें कुछ शौचालय अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे है. एक-दो शौचालय बचे हैं जिनके सामने कचरा पड़ा रहता है. इसी परिसर में गंदगी का आलम है. जिसकी वजह से लोग जाना भी पसंद नहीं करते.

आमगांव शहर मुख्य व्यापारिक नगरी होने की वजह से आस-पास के ग्रामीण लोग प्रतिदिन अपना व्यापार करने, खरीददारी व कार्यालयीन कामकाज की वजह से आते हैं. जिससे उन्हें पूरा दिन व्यतित करना पड़ता है. किंतु शौचालय जाने उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ता है. इसी में से शुक्रवार सप्ताहिक बाजार का दिन होने से लोगों की भीड़ अधिक रहती है, किंतु शहर में पर्याप्त शौचालय नहीं है. जिससे समस्या निर्माण हो रही है.

महिलाओं को होती हैं ज्यादा परेशानी

सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को होती हैं. शहर के डा.आंबेडकर चौक, गांधी चौक, कामठा चौक, सब्जी मार्केट व पुराना बस स्टैंड आदि स्थानों पर लोगों का आवागमन अधिक रहता है. जिससे इन स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया जाए या फाइबर के शौचालय लगाने की मांग नागरिकों की ओर से की जा रही है.

मुख्य 3 स्थानों पर होगा निर्माण : भोयर

इस संदर्भ में तहसीलदार व नगर परिषद के प्रशासक दयाराम भोयर ने बताया कि सार्वजनिक शौचालय की हालत बहुत दयनीय है. इस समस्या को ध्यान में रखकर तीन स्थानों पर डा.आंबेडकर चौक, सब्जी मंडी व कामठा चौक परिसर में जहां भीड़ अधिक होती है, वहां सार्वजनिक शौचालय बनाने का निर्णय लिय गया है, जिससे नागरिकों की समस्या कुछ हद तक कम हो जाएगी.  

लोगों को होती हैं समस्या: पुंडकर

जयश्री पुंडकर ने कहा कि सार्वजनिक शौचालय शहर में होना ही चाहिए. इस समस्या का सबसे अधिक बाहर गांव से आई महिलाओं को सामना करना पड़ता है. स्वच्छता रहेगी तभी तो इंसान स्वस्थ् रहेगा.

शौचालय का अभाव बड़ी समस्या : अग्रवाल

पिंटू अग्रवाल ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छ भारत अभियान को जोर शोर से चलाया जा रहा है. जबकि नगर में शौचालय का अभाव बना है. जिससे नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. शहर में सार्वजनिक शौचालयों की नितांत आवश्यकता है.