शासकीय कार्यालयों से शिकायत बॉक्स गायब, योजनाबद्ध तरीके से हटाए गए

    गोंदिया. शासकीय, गैर शासकीय कार्यालयों के कामकाज, कर्मचारियों की कार्य प्रणाली आदि विषयों को लेकर अनेक शिकायतें होती हैं जो प्रशासन की जानकारी में आ सकें इस उद‍्देश्य से  प्रशासन के दिशा निर्देश पर अधिकांश शासकीय कार्यालयों में शिकायत बॉक्स लगाए गए  लेकिन शासकीय कार्यालयों के समक्ष विशेष स्थान पर लगाए गए बॉक्स को योजनाबद्ध तरीके से निकाल कर रख दिया गया है. उसके कारण अब जरूरतमंद शिकायत कहां डालें  ऐसा सवाल किया जा रहा  है.

    शहरी क्षेत्र के अति महत्वपूर्ण कार्यालयों में तथा ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न विभागों के कार्यालयों में अनेक लोग अपनी विभिन्न शिकायतें करने के लिए कार्यालयों में पहुंचते हैं लेकिन उनमें अधिकांश जगह शिकायत बॉक्स नदारद हैं.  शिकायतों में महत्वपूर्ण  विषयों को लेकर शिकायतें होती हैं. जिन पर तत्काल कार्रवाई व संबंधित अधिकारी का ध्यान दिया जाना जरूरी होता है लेकिन यह सब नहीं हो पा रहा है.  शासन  के नियमों पर क्रियान्वयन उचित तरीके से नहीं होता जिससे सर्वसामान्य जनता को परेशानी होती है. 

    जिलाधीश से पहल होने की अपेक्षा

    बेहतर होगा इस दिशा में स्वयं जिलाधीश ही कुछ पहल करें.  पहले प्रत्येक शासकीय व गैर शासकीय कार्यालय में शिकायत बॉक्स लगाने का निर्णय लिया गया था लेकिन पहले से लगे बॉक्स न जाने क्यों व किस तरह गायब हो गए?  कुछ कार्यालयों में शिकायत सीधे आवक जावक विभाग में स्वीकार की जाती है लेकिन सर्वसाधारण नागरिकों के ज्वलंत प्रश्नों के निवारण के लिए शिकायत बॉक्स का होना जरूरी है.

    शासकीय कार्यालयों में हर दिन विभिन्न माध्यमों से नागरिकों की लूट हो रही है. इसमें नियम, कानून, शर्तें व काम के बोझ आदि कारण बताकर नागरिकों को टालमटोल किया जाता है. कार्यालय के सामने शिकायत बॉक्स व भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग कार्यालय का फोन क्रमांक होना जरूरी है.