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  • स्वास्थ्य अधीक्षकों को नोटिस

गोंदिया. जिले के नवेगांवबांध, गोरेगांव व सालेकसा ग्रामीण अस्पताल में पिछले 10 दिनों में आरटीपीसीआर टेस्ट का प्रमाण कम किया गया था. जिससे कोरोना का संक्रमण अधिक बढ़ऩे की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता था. इस गंभीर विषय को लेकर जिला स्वास्थ्य अधिकारी व जिला शल्य चिकित्सक ने 3 स्वास्थ्य अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस दिया है. इसी तरह टेस्ट का प्रमाण बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं. कोरोना का असर कम करने के लिए जिला प्रशासन व जिला स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से ‘मेरा परिवार-मेरी जिम्मेदारी’ अभियान क्रियान्वित किया जा रहा है.

इसी तरह टेस्ट के प्रमाण व कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग कर उपचार करने पर जोर दिया जा रहा है. इसके पीछे का मुख्य उद्देश्य कोरोना के ग्राफ को नीचे लाकर जिला कोरोना मुक्त करना यह है. लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारी इसकी अनदेखी कर रहे हैं. इसकी जानकारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ श्याम निमगड़े व जिला शल्य चिकित्सक डॉ अमरीश मोहबे को मिली.

जिले के कथित ग्रामीण अस्पतालों में केवल 5 से 7 आरटीपीसीआर टेस्ट की जा रही है. यह प्रमाण काफी कम है. इस ओर कुछ स्वास्थ्य अधिकारियों ने अनदेखी की है. जिससे नवेगांवबांध, सालेकसा व गोरेगांव ग्रामीण अस्पताल के स्वास्थ्य अधीक्षकों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है.

कोरोना संक्रमण के दौर में अन्य बीमारी वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है. जिससे इस ओर ध्यान देकर गर्भवती महिला मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर आदि मरीजों की भी कोविड टेस्टिंग करें, ग्रामीण अस्पताल में ओपीडी विभाग में जांच के लिए आने वाले मरीजों पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं.