Liquor Seized

गोंदिया. जिला मुख्यालय के पश्चिम क्षेत्र वाले पैकनटोली परिसर में श्याम उर्फ पिटी चाचेरे (34) के गोदाम में छापा मारकर नकली शराब, शराब बनाने की सामग्री, फोर विलर वाहन सहित कुल 12 लाख 54 हजार 818 रुपये का माल जब्त किया गया. कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक विश्व पानसरे के मार्गदर्शन में उपविभागीय पुलिस अधिकारी जगदीश पांडे, पुलिस निरीक्षक बबन आव्हाड के नेतृत्व में गुप्त सूचना के आधार पर पर की गई.

44 सील बंद बाक्स में रखी थी नकली दारू
घटना स्थल से 44 सिलबंद बॉक्स में रखी 48 नग कांच की बोतल में क्रमश: 180 एमएल से भरी गोवा विस्की की नकली शराब कीमत 105 रुपये के अनुसार एक बॉक्स की कीमत 5040 रुपये कुल कीमत 2 लाख 21 हजार 760 रुपये, टाटा कंपनी का माल वाहक (क्र. एमएच 28 एबी 0770) कीमत 3 लाख 50 हजार रुपये, नकली शराब बनाने रासायनिक द्रव्य से भरे क्रिस्टल आईएसओ 9001-215 देवांश स्वस्त जल के 20 कैन में 20 लीटर द्रव्य वाले कुल 700 लीटर के 35 कैन कीमत 2 लाख 62 हजार 500 रुपये, क्रिस्टल कम्पनी के 47 कैन कीमत 500 रुपये के मुताबिक कुल 23 हजार 500 रुपये, तैयार नकली शराब रखने के लिए उपयोग में आने वाली कांच की 180 एमएल क्षमता की 75 प्लास्टिक बोरी में 300 खाली बोतल कीमत 10 रुपये के अनुसार 22,500 कुल कीमत 2 लाख 25 हजार, प्लास्टिक की 90 एमएल क्षमता वाली खाली बोतल कीमत 2,500 रुपये, 3 प्लास्टिक की बोरी में रखे 1500 ढक्कन कीमत 4,500 रुपये, एल्युमिनीयम के ढक्कन कीमत 6 हजार रुपये, नकली शराब बोतल सील करने वाली ग्रेट गॅलबॉन वेनर्स एलटीडी, 1250 ढक्कन कीमत 7,500 रुपये, शराब बोतल के स्टीकर कीमत 1080, विदेशी नकली शराब पर लगाने वाले स्टीकर कीमत 13 हजार 800 रुपये, मोटरसाइकिल (क्र. एमएच 35-0323) कीमत 1 लाख 10 हजार, एक नीले रंग का ड्रम कीमत 600 रुपये, खड्डों के 3200 बॉक्स कीमत 16 हजार रुपये, रंग व पाउडर का बॉक्स कीमत 78 रुपये, एक सैमसंग कम्पनी का मोबाइल कीमत 10 हजार रुपये इस तरह कुल 12 लाख 54 हजार 818 रुपये जब्त सामग्री का समावेश है.

इस प्रकरण में बाजपेई चौक निवासी श्याम चाचेरे (34), श्रीनगर निवासी महेंद्रसिंह उर्फ मोनू ठाकुर (29) को गिरफ्तार किया गया है. जबकि मालवीय वार्ड श्रीनगर निवासी प्रसन्ना उर्फ टंटू कोथुलकर (24) फरार है. शहर थाने में महाराष्ट्र शराब बंदी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है. कार्रवाई में सहाय पुलिस निरीक्षक नितिन सावंत, पुलिस उपनिरीक्षक काशीद, हेड कांस्टेबल राजू मिश्रा, उईके, ओमेश्वर मेश्राम, सुबोध बिसेन, महेश मेहर, तुलसीदास लुटे, योगेश बिसेन, छगन विठ्ठले, विनोद शहारे, रॉबीनसन साठे, नीतेश गवई आदि ने सहयोग किया. उल्लेखनीय है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ इसके पूर्व भी इसी तरह की चौथी बार कार्रवाई की जा चुकी है.