डायट कर्मियों ने किया आंदोलन, काला फीता लगाकर जताया आक्रोश

गोंदिया. शालेय शिक्षण व क्रीड़ा विभाग अंतर्गत जिला शिक्षण व प्रशिक्षण संस्था के राज्य में सभी लगभग 850 अधिकारी व कर्मियों का 5 महीने से वेतन रुका है. परिणाम स्वरूप कर्मियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है. शासन की इस नीति का निषेध स्वरूप 24 सितंबर से काला फीता लगाकर काम कर रहे हैं.

शुक्रवार को भी आंदोलन शुरू रहेगा. इसके बाद भी शासन ने वेतन का भुगतान नहीं किया तो तीव्र आंदोलन किया जाएगा. ऐसा संकेत डायट कर्मचारी संगठन ने दिया है. राज्य में हर एक जिला स्तर पर शिक्षण व प्रशिक्षण संस्था (डायट) कार्यरत है. इस शासकीय संस्था अंतर्गत अध्यापक विद्यालय का कामकाज चलता है.

इसके अलावा जिले के प्राथमिक शिक्षकों को शिक्षक सक्षमीकरण, अभ्यासक्रम व समीक्षा प्रक्रिया परिवर्तन, शैक्षणिक सामग्री निर्माण, ऑनलाइन शिक्षण, ई लर्निंग, डिजिटल शाला, शिक्षण परिषद संबंधी प्रशिक्षण डायट के माध्यम से संचालित किए जाते है. राज्यभर में डायट की 34 शाखा कार्यरत है.

5 महीने से नहीं मिला वेतन
जिसमें जिला प्राचार्य, वरिष्ठ अधिव्याख्याता, प्राध्यापक, लिपिक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी इस तरह कुल 850 अधिकारी व कर्मचारी कार्यरत है. गोंदिया जिला मुख्यालय में भी डायट की शाखा कार्यरत है. पिछले 5 महीने से वेतन नहीं होने पर डायट कर्मियों के गृह कार्य, वाहन कर्ज की किश्त सहित जीवन निर्वाह का प्रश्न उपस्थित हो गया है. 5 महीने के वेतन सहित मार्च माह में कटौती किए 25 से 50 प्रश वेतन नहीं मिलने से डायट कर्मियों को आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है. आंदोलन में डायट के प्राचार्य राजेश रुद्रकार, अधिव्याख्याता प्रदीप नाकतोडे, नरेश वैद्य, भाऊराव राठौड, योगेश्वरी नाडे, लिपिक अशोक गभने सहित अन्य कर्मचारी शामिल हुए.