रिकॉर्ड में काट-छांट करने वाले कर्मचारियों को बर्खास्त करें

  • पीड़ित हितग्राहियों की मांग

सालेकसा. आए दिनों ग्रापं के रिकॉर्ड में वहां कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी चपरासी पद पर कार्यरत सूरजलाल भोंदू मोहारे करतूतों का भंडाफोड़ हुआ है. जिप उप-मुख्य कार्यपालन अधिकारी (ग्राम पंचायत) ने मामले की जांच कर मोहारे को दोषी करार देते हुए ग्रापं सोनपुरी को आदेश दिया है कि वे मासिक सभा का प्रस्ताव लेकर उसे अपने स्तर पर निलंबित करें. इसके बावजूद सरपंच संगीता कुराहे का संरक्षण प्राप्त होने से यहां उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी के आदेश की अवहेलना होने की बात सामने आ रही है.

इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कर उचित कार्रवाई की मांग पत्रकार परिषद में पीड़ित हितग्राही आवेदक मेहरचंद कोंदा मोहारे व टेकचंद कोंदा मोहारे ने की है.

सोनपुरी निवासी कोंदा चैतराम मोहारे के तीन बेटे व दो बेटियां जिनके विवाह उपरांत बेटियां अपने-अपने घर बस चुकी है. परिवार बड़ा होने से पैतृक घर में बड़ा बेटा मेहत्तर मोहारे रहने लगा तथा दो छोटे बेटे आवेदक मेहरचंद व टेकचंद अपने स्तर पर अपने रहने का आशियाना तैयार कर रहने लगे.

२८ अप्रेल २००८ को पिता कोंदा मोहारे की मृत्यु के पश्चात उनके पैतृक मकान पर वारसान अधिकार के अनुसार कोंदा मोहारे के तीनों बेटों का नाम पंजीकृत कराना था लेकिन ऐसा न होकर वहां सिर्फ बड़े बेटे मेहत्तर का नाम चपरासी ने कुछ ले देकर पंजीकृत कर दिया. जब आवेदक बेटों ने इसके लिए ग्रापं में आवेदन किया तो उन्हें बताया गया कि अब इस पर इनका कोई अधिकार नहीं रहा. क्योंकि बड़े बेटे का नाम इसमें पंजीकृत हो चुका है. इस बात से आवेदक हक्का-बक्का रह गए.

मामले की जांच कर न्याय की गुहार लगाते हुए उन्होंने उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई. इस पर संज्ञान लेते हुए जिप उप-मुख्य कार्यपालन अधिकारी (ग्रापं) ने ग्रापं सोनपुरी में आकर पूरे मामले की जांच की. जिसमें चपरासी द्वारा रिकॉर्ड में काट-छांट की बात सामने आयी. आवेदकों को तुमसे जो बनता है कर लो की धमकियां सरपंच तथा चपरासी द्वारा दी जाने की बात भी पत्रकारों को बताई है और जिलाधीश से कार्रवाई करने की मांग की गई है.