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गोंदिया. जिले में कोरोना का संक्रमण फैलने से रोकने बड़े प्रतिबंधात्मक कदम उठाए गए है. दीर्घ अवधि के बाद राज्य शासन एक-एक कर सभी क्षेत्रों को अनलॉक के तहत राहत प्रदान कर रही है. कोर्ट का कामकाज अब भी पूर्णत: ठप है. जिससे वकीलों के साथ ही उनके सहयोगी के रूप में काम करने वाले अटर्नियों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट निर्माण हो गया है. लोग यह कहते देखे गए है कि इस बार वकीलों की दिवाली काली मनेगी.

नए भवन में कामकाज शुरू हों : एड. कटरे

जिला बार एसो. के अध्यक्ष एड. टी. बी.कटरे ने कहा कि न्यायालयीन काम नही होने से वकील वर्ग को काफी परेशानी हो रही है. वकीलों के समक्ष आर्थिक संकट निर्मित हो गया है. न्यायालय के नए विस्तारित इमारत में कामकाज शुरू किया जाए. जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने में कोई दिक्कत नही आएगी. 

रोजी-रोटी का सवाल : रॉय

जिला इकाई गोंदिया, संभाग नागपुर, संयुक्त अधिवक्ता महासंघ के अध्यक्ष रमाशंकर रॉय ने कहा कि  सभी अधिवक्ताओं के रोजी रोटी का सवाल है और कोरोना काल लगभग समाप्त होने में है. ऐसे में लॉकडाउन का असर भी धीरे-धीरे कम हो रहा है. सभी अनलॉक होते जा रहे. सभी ऑफिस खोल रहे हैं. कोर्ट में जो परिस्थितियां है आज पक्षकार और वकील लोग वह किन लोगों की और पक्षकारों के हित में फैसला जल्द से जल्द हों क्योंकि सभी इस ओर आशा लगाए बैठे हैं की कोर्ट की रेगुलर सेटिंग चालू हो जाए, हम उच्च न्यायालय से यही आशा करते हैं.

नहीं हो रहा कामकाज : एड. बोरकर 

बार एसो.के सचिव एड.सचिन बोरकर ने बताया कि हायकोर्ट के आदेश के बावजूद न्यायालयीन कामकाज नहीं हो रहा है. अर्जेंट वाले प्रकरणों को निपटाना जरूरी है. जबकि न्यायाधीश वर्ग केवल एक से दो घंटे ही डेस पर बैठते हैं. जिससे अधिवक्तओं के साथ साथ पक्षकारों को भी मुश्किल हो रही है. 

पूर्ववत शुरू को कार्य : एड. चौरे

एड.अंजलि चौरे ने कहा कि जिले के मुख्य न्याय मंदिर में कोर्ट का कामकाज बंद है. जिससे वकील वर्ग व अटर्नी हलाकान हो गए है. इसी तरह उनके पक्षकारों का भी नुकसान हो रहा है. यदि सरकार इस ओर जल्द से जल्द ध्यान दे तो इस समस्या का निवारण हो सकता है. हर वर्ग को अपना कार्य चलाने की अनुमति है, इसी तरह वकील वर्ग भी यही चाहता है. अदालत का कार्य पूर्ववत शुरू होना चाहिए.