Gondia Floos

    गोंदिया (का). मानसून की कालावधि में जिले के 96 ग्रामों में बाढ़ का खतरा है. पिछले वर्ष 2020 में आई बाढ़ के दौरान निर्मित स्थिति की पुनरावृत्ति इस बार न हो, साथ ही बांध व जलाशय आदि स्थानों पर जल संग्रहण अधिक होने से सभी संबंधित विभाग मानसून पूर्व तैयारी का सूक्ष्म नियोजन करें, ऐसे निर्देश जिलाधीश राजेश खवले ने राज्य आपदा प्रबंधन दल, नागपुर के माध्यम से आयोजित प्रात्याक्षिक कार्यक्रम में दिए. जो कटंगी जलाशय गोरेगांव में आयोजित किया गया था.

    जिला पुलिस अधीक्षक विश्व पानसरे, गोरेगांव तहसीलदार सचिन गोसावी, एसडीआरएफ नागपुर के पुलिस उप अधीक्षक सुरेश कराले, पुलिस उप अधीक्षक अजय कालसर्पे, जिला आपदा व्यवस्थापन अधिकारी राजन चौबे, सहायक पुलिस निरीक्षक अरविंद राऊत, जिला शोध व बचाव पथक प्रमुख किशोर टेंभुर्णे, नायब तहसीलदार नरेश वेदी उपस्थित थे. खवले ने कहा कि अचानक निर्माण होने वाली आपदा की स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए प्रत्येक विभाग सतर्क रहे. जिले में 1327.49 मिमी बारिश होती है. जिले से लगकर मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ की सीमा है.

    बालाघाट व राजनांदगांव जिले में होने वाली बारिश का पानी संजय सरोवर व सिरपुर जलाशय के माध्यम से जिले में प्रवेश करता है. साथ ही संजय सरोवर से छोड़ा गया पानी 25 घंटों में वैनगंगा नदी के माध्यम से बिरसोला संगम घाट में पहुंचता है. सिरपुर देवरी से पानी 27 घंटों में बाघ नदी के माध्यम से रजेगांव घाट तक आता है. जलाशय से छोड़े गए पानी का योग्य नियोजन करने की सूचना भी खवले ने दी.

    घरेलू वस्तुओं से बनाई फोटिंग डिवाइस

    पुलिस अधीक्षक विश्व पानसरे ने जिला शोध व बचाव दल के सदस्यों को प्रात्याक्षिक का लाभ लेकर बाढ़ परिस्थिति पर मात करने के निर्देश दिए. पुलिस उप अधीक्षक सुरेश कराले ने उपस्थितों को प्रात्याक्षिक की जानकारी देकर घरेलू वस्तुओं से तैयार की गई सामग्री से फ्लोटिंग डिवाइस तैयार कर पानी में उसका प्रयोग दिखाया. मॉकड्रिल के लिए गोरेगांव तहसील के कटंगी जलाशय में सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया.  यादव फरकुंडे, इंद्रकुमार बिसेन, चुन्नीलाल मुटकुरे, चिंतामन गिरेपुंजे, गिरधारीलाल पतेहे, जबराम चिखलोढे, जितेंद्र गौर, नरेश उके, राजकुमार बोपचे, जसवंत रहांगडाले, रवि भांडारकर, संदीप कराले, दीनू दीप, राजकुमार खोटेले, सुरेश पटले, राजेंद्र अंबादे, शर्मानंद शहारे, गजेंद्र पटले, मंडल अधिकारी  बी.एन. वरखेडे, डी.एम. मेश्राम, कटंगी सरपंच तेजेंद्र हरिणखेडे आदि उपस्थित थे.