Congress morcha at SDO Office

  • किसान विरोधी बिल का विरोध

गोंदिया. भाजपा की केंद्र सरकार ने किसान विरोधी 3 विधेयक को संसद से मंजूर करा लिया है. इस नए काले कानून से खेती व किसान पूर्ण रुप से तबाह हो जाएंगे. इस विधेयक के खिलाफ लाखों किसान व खेत मजदूर सड़क पर उतर कर विरोध कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज को दबाने के लिए सरकार डंडे मार रही है.

इस कानून से लॉकडाउन की परिस्थिति में भी देश का एकमात्र खेती उद्योग शुरू है. इस उद्योग को बड़े औद्योगिक घरानों को सौंपने का प्रयास हो रहा है. इन तीनों विधेयक से सामान्य गरीब किसानों पर संकट मंढरा रहा है. खेती उद्योग के संकट में फंस जाने पर देश के नागरिकों पर भूखों मरने की नौबत आ जाएगी. केंद्र सरकार ने पिछले 6 वर्षों में अनेक गलत निर्णय लिए है.

कांग्रेस ने उपविभागीय अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
देश में 10 करोड़ सुशिक्षित बेरोजगार हो गए है. नोटबंदी, जीएसटी कानून से उद्योग ठप हो गए है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव अमर वराडे के नेतृत्व में जिला कांग्रेस अध्यक्ष डा.एन.डी.किरसान के मार्गदर्शन में 28 सितंबर को बैलबंडी व ट्रैक्टरों सहित मोर्चा शहीद कांग्रेस भोला भवन से निकलकर गांधी प्रतिमा, गोरेलाल चौक, नेहरु चौक होकर उप विभागीय अधिकारी कार्यालय पहुंचा.

जहां उप विभागीय अधिकारी वंदना सवरंगपते को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया. तहसील कांग्रेस के अध्यक्ष सुर्यप्रकाश भगत, शहर कांग्रेस अध्यक्ष जहीर अहमद, पूर्व जिप सभापति रमेश अंबुले, निकेश मिश्रा, जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष आलोक मोहंती, विधानसभा युवक कांग्रेस के अध्यक्ष बाबा बागडे, एनएसयुआई अध्यक्ष हरीश तुलसकर, दलेश नागदवने, अमर राहुल, निलम हलमारे, सुशील खरकाटे, किर्ती येरणे, योगेश शरणागत, रितेश मेंढे, नफीस सिद्दीकी, अरुण गजभिये, अनमोल वैद्य, हेमत निमजे, एड. योगेश अग्रवाल, रामेश्वर लिल्हारे, नरेश लिल्हारे, गंगाराम बावनकर, दिनेश तरोणे, आनंद लांजेवार, नागरत्न बंसोड, दिलीप गौतम सहित महिला व पुरुष कार्यकर्ता शामिल हुए.