ईंधन की कीमतों ने बढ़ाया रोजाना का बजट

    गोंदिया . पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर के दाम ने आम आदमी को परेशान कर दिया है. बढ़ी हुई कीमतों का सर्वाधिक असर गरीबों पर पड़ा है. आए दिन सतत ईंधन की दरों में वृद्धि हो रही है. रोटी, कपड़ा और मकान इंसान की मूलभूत आवश्यकता है. इसके बिना जीवन गुजारना काफी कठिन है. अब कोरोना के बाद बढ़ती महंगाई जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.

    राजनीतिक दल चुनावी दौर में खोखले भाषण देकर लोगों को वोट देने के लिए आकर्षित करते है. वे अच्छी तरह जानते हैं कि हम सिर्फ वोट पाने के लिए चुनावी घोषणाओं को पूरा नहीं कर सकते. महत्वपूर्ण बात यह है कि राजनेताओं का आम जनता की परेशानी से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन चुनावी दौर में वे लोगों को भावनात्मक रूप से आकर्षित करते हैं और फिर सभी वादों को भूल जाते हैं या वे यह कहने के लिए स्वतंत्र हैं कि आज के समय में उन वादों को पूरा करना मुश्किल है.

    बढ़ती महंगाई ने गरीबों और किसानों की रोजी रोटी चौपट कर दी है और उनका बजट गड़बड़ा गया है. इस बीच कोरोना काल में अनेकों के रोजगार छिन गए थे और आर्थिक मंदी से जूझना पड़ा. अनलॉक के बाद राहत की उम्मीद थी लेकिन ऐसा कुछ नजर नही आ रहा है. इसके विपरीत सतत ईंधन मूल्य में वृद्धि हो रही है.