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  • जयस्तंभ से फुलचुर नाके तक ज्यादा समस्या

गोंदिया. स्थानीय जयस्तंभ चौक से फुलचुर नाका परिसर तक जगह जगह बड़ी संख्या में लावारिस जानवर बैठे दिखाई दे रहे है. किंतु इन जानवरों का बंदोबस्त करने के लिए कोई विभाग सामने नहीं आ रहा है. जबकि मार्गों पर झुंड में बैठे जानवरों से आवागमन में बाधा निर्मित हो रही है.

वहीं दूसरी ओर छोटी बड़ी दुर्घटना होना भी आम बात हो गई है. शहर के मुख्य मार्गों पर बैठे लावारिस जानवरों को पकड़कर कांजीहाउस में बंद करना यह कार्य नगर परिषद के स्वास्थ्य विभाग का है. इस ओर नप के स्वास्थ्य विभाग ने आंखे मुंद ली है. जिसका खामियाजा वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है.

नप प्रशासन नहीं कर रहा कार्रवाई
इस संबंध में आखिरकार निर्वाचित जनप्रतिनिधि क्यों पहल नहीं कर रहे हैं, यह समझ से परे हैं. इसके पूर्व तत्कालीन जिला पुलिस अधीक्षक चंद्रकिशोर मीना ने मार्गों पर बैठने वाले लावारिस जानवरों को पकड़ने के लिए सतत अभियान चलाया था. पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद नप के माध्यम से लावारिस जानवरों को पकड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी गई थी.

इसके बाद अधिकारी तबादला होने से लावारिस जानवरों को पकड़ने की कार्रवाई भी बंद कर दी गई. इस मार्ग पर जयस्तंभ चौक, डा. आंबेडकर चौक, मनोहर चौक, निर्मल थियेटर, कामधेनु होंडा शो रुम व फुलचुर नाका परिसर में सुबह व शाम को कभी भी लावारिस जानवर बैठे दिखाई दे रहे हैं. जानवरों को पकड़कर उन्हें कैद करने की मांग की जा रही है.