घरकुल लाभार्थी परेशान, निधि नहीं मिलने से अटका कार्य

गोरेगांव. केंद्र शासन ने 2022 तक सभी को अधिकार के घर मिले इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना क्रियान्वित की है. इसके अंतर्गत हर एक घर के लिए 2 लाख 50 हजार रुपये की निधि दी जाती है. इसमें डेढ़ लाख केंद्र शासन व 1 लाख का हिस्सा राज्य शासन का है. नपं गोरेगांव ने लक्ष्य पूर्ण करने के लिए लाभार्थियों की सूची तैयार की.

लाभार्थियों ने उधार व बाहर से कर्ज लेकर घरकुलों का निर्माण भी किया, किंतु केंद्र शासन से आने वाली निधि फंस जाने से कई लाभार्थियों के निर्माण कार्य बीच में ही अटक गए है. वहीं कई लोगों के निर्माण कार्य पूर्ण होने के बावजूद उन्हें निधि नहीं मिल पाई है. जिससे साहूकार अपनी रकम के लिए तगादा लगा रहे हैं.

367 घरकुलों को मंजूरी
2022 तक देश में कोई भी नागरिक अपने घर से वंचित न रहे इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी ने महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है. केंद्र से ही निधि आवंटित नहीं होने से लाभार्थियों के समक्ष संकट खड़ा हो गया है. नपं गोरेगांव ने प्रथम चरण में 367 घरकुलों को मंजूरी दी है. 247 लाभार्थी पात्र ठहराए गए है.

लाभार्थियों को 40 हजार रुपये की प्रथम किश्त वितरित की गई. 101 लाभार्थियों को 60 हजार रुपये की दूसरी किश्त, 47 लाभार्थियों को 47 हजार व 64 लाभार्थियों को पुन: 20 हजार रुपये दिए गए हैं. जबकि दूसरे चरण में 190 घरकुलों को मंजूरी दी गई है. इसमें एक भी लाभार्थी को निधि नहीं दी गई है. वहीं अनेक लाभार्थियों ने पुराना घर तोड़कर नया घर बनाया है. उन्होंने साहूकारों से ब्याज पर राशि उठाई है. इसी तरह अनेक लाभार्थियों ने निधि के अभाव में निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है.

केंद्र से की निधि की मांग : राणे
इस संबंध में नपं गोरेगांव की मुख्याधिकारी हर्षला राणे ने बताया कि घरकुलों को मंजूरी दी गई है. किंतु केंद्र शासन से मिलने वाली निधि उपलब्ध नहीं हुई है. जिससे निधि का वितरण नहीं किया गया. उक्त निधि की मांग की गई है. निधि मिलते ही लाभार्थियों को वितरित की जाएगी.