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    गोंदिया (महाराष्ट्र).  महाराष्ट्र (Maharashtra) के गोंदिया (Gondia) जिले के आमगांव तहसील के एक गांव की पंचायत ने एक किसान को अपने खेत को समतल करने के दौरान भगवान की मूर्ति खंडित होने के मामले में किसान पर 21 हजार रुपए का जुर्माना लगाया और जुर्माना नहीं देने की स्थिति पर उसे सामाजिक बहिष्कार की धमकी दी है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। किसान ने पंचायत के फरमान को नहीं माना और पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई। गांव के सरपंच और आठ अन्य लोगों के खिलाफ इस संबंध में मामला दर्ज किया गया है। (Gondia: The idol of God was broken while leveling the field, there would be social boycott of the farmer)

    अमगांव पुलिस थाने के निरीक्षक विलास नाले ने बताया,‘‘ किसान टीकाराम प्रीतम पारधी आमगांव तहसील के सीतेपार गांव का रहने वाला है और 12 जून को वह खेत को समतल कर रहा था और इसी दौरान पत्थर की एक मूर्ति दुर्घटनावश खंडित हो गई।” उन्होंने बताया कि ग्रामीणों का मानना है कि वह भगवान उनके ‘कुल देवता’ हैं और घटना की सूचना मिलते ही गांव वाले वहां पहुंचे और उन्होंने किसान को काम बंद करने को कहा। अधिकारी ने बताया,‘‘ बाद में पंचायत की एक बैठक बुलाई गई जिसमें सदस्यों ने किसान पर स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाने का आरोप लगाया और उस पर 21 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।”

    किसान ने अपनी शिकायत में कहा कि पंचायत का फरमान है कि अगर उसने जुर्माना नहीं दिया,तो उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। पुलिस के अनुसार पंचायत ने किसान से कहा कि इस राशि का इस्तमाल खंडित मूर्ति को ठीक करने और भगवान को ‘‘प्रसन्न” करने के लिए पशु बलि देने में होगा। उन्होंने बताया कि किसान ने धन देने में असमर्थता जताई और कहा कि उसकी माली हालत ठीक नहीं है और पूरे मामले में खुद के बेगुनाह होने की बात कही। बाद में उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    इस मामले में गांव के सरपंच तथा अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में सरपंच मेशराम ने कहा कि स्थानीय परंपरा के अनुसार ग्रामीण हर नयी फसल के मौसम में मूर्ति की पूजा करते थे ,जो अब खंडित हो गई है। जो राशि किसान से मांगी गई है उससे मूर्ति को ठीक कराया जाना था और एक छोटा सा मंदिर बनाया जाना था।