विदर्भ में गोंदिया रहा सबसे ठंडा, तापमान रहा 8.05

गोंदिया. जिले में 12 से 17 दिसंबर तक आसमान में काले बादल छाए होने से मौसम साफ नहीं था ,लेकिन पिछले दो दिनों से मौसम साफ होते ही ठंड बढ़ गई है और विदर्भ में गोंदिया जिला सबसे अधिक ठंडा रहा है. 19 दिसंबर को पारा गिरकर 8.05 पर पहुंच गया है. ठंड की वजह से अधिकांश लोग अपने घरों में ही बैठे है.

बाजार में खरीददारी करने वालों की भीड़ रोज की तरह नजर नहीं आ रही है. वैसे भी शनिवार को अवकाश का दिन होने से शासकीय कार्यालयों में सन्नाटा पसरा था. गरम कपड़ों की मांग बढ़ गई है. इसमें सबसे अधिक महिलाओं को गरम कपड़ों की खरीददारी करते देखा गया.

किसानों पर संकट

जिले के किसान फसल उत्पादन के लिए हमेशा चिंतित दिखाई दे रहे है. इसी में एक सप्ताह तक बदरीले मौसम से चना, लाखोरी, तुअर, अलसी, ज्वारी, गेहूं आदि की फसल पर संकट मंढराने लगा है. इस वर्ष ठीक रबी मौसम में बारिश विलंब से हुई. जिससे धान की बुआई में भी देर हो गई. इसके बाद अगस्त, सितंबर माह में हुई अतिवृष्टि व बाढ़ ने किसानों की कमर तोड़ दी. इस बार धान का उत्पादन घटने की संभावना है. जिले के अतिवृष्टिग्रस्त किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है.  

तिबेटियन स्वेटर मार्केट में भीड़

नप स्टेडियम परिसर में स्थित तिबेटियन स्वेटर मार्केट में गरम कपड़ों की खरीददारी करने वालों की भारी भीड़ दिखाई दे रही है. उल्लेखनीय है कि जिले की अर्जुनी मोरगांव तहसील के तहत गोठनगांव परिसर की तिबेटियन कैंप में रहने वाले तिब्बती लोग शहर में दो दशक से हर वर्ष शीतकालीन मौसम में गर्म कपड़ों की दूकानें लगाते है. तिबेटियन स्वेटर मार्केट  संचालक डोलकर मैडम ने बताया कि इस वर्ष कोरोना की वजह से दूकान विलंब से लगाए गए.

इस वर्ष ग्राहकी पर्याप्त नहीं है लेकिन पिछले दो दिनों से गरम कपड़े खरीदी के लिए बड़ी संख्या में लोग दूकानों पर आ रहे हैं. डोलकर का कहना है कि उनकी दूकान में स्वेटर, लेड़िज स्वेटर, जैकेट, लेड़िज जैकेट, मफलर, शॉल, पोंचू सहित बड़ी संख्या में गरम कपड़ों की वेराइटी मौजूद है. इसी तरह छोटे बच्चों के लिए फैंसी स्वेटर  की अनेक रेंज भी उपलब्घ है.