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  • कर्मियों के आकृतिबंध की शर्त निरस्त करने की मांग

गोंदिया. राज्य के ग्रापं कर्मचारी जनसंख्या के आधार पर कर्मियों के आकृतिबंध की घातक शर्त निरस्त कर वेतनश्रेणी के संदर्भ में अभय यावलकर समिति की शिफारिस को मान्य कर उसके पालन करने की मांग को लेकर महाराष्ट्र के ग्रापं कर्मचारी एकताबद्ध होकर आंदोलन तीव्र करने का निर्णय महासंघ के राज्य पदाधिकारियों की सभा में लिया गया. आयटक से संबध महाराष्ट्र राज्य ग्रापं कर्मचारी महासंघ के राज्य पदाधिकारी मंडल की महत्वपूर्ण सभा नाशिक में तानाजी ठोंबरे की अध्यक्षता में हुई.

कोरोना महामारी के संकटकाल में गत १० महीनों से प्रलम्बित मांगों के संदर्भ में सभा में विस्तृत चर्चा की गई. आगामी समय में आंदोलनात्मक व संगठनात्मक विषयों पर महासंघ के महासचिव नामदेव चव्हान की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट पर चर्चा कर निर्णय लिए गए. जिसमें १० अगस्त २०२० को राज्य के श्रम विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार न्यूनतम वेतन लाभ कर्मियों को दिलाने कर वसूली व आय की शर्त वाला २८ अप्रैल २०२० का अन्यायकारक शासन निर्णय निरस्त कर सरकार ने जवाबदारी लेकर ग्रापं कर्मियों के सुधारित न्यूनतम वेतन के लिए १०० प्रश अनुदान देने व लगने वाली तुरंत वित्तीय व्यवस्था करने, २० अगस्त २०२० के विशेष भत्ते की दर सुधारित करने आदि सवालों पर २3 व २४ दिसंबर को महासंघ के पदाधिकारी, ग्राम विकास मंत्री व सचिव से मुंबई मंत्रालय में भेंट कर चर्चा की जाएगी.

यूनियनों के पदाधिकारियों की 17 जनवरी को सभा

कर्मियों के वेतन अनुदान से कटौती की गई भविष्य निर्वाह निधि की राशि व उसका सरकारी हिस्सा कर्मियों बैंक खाते में जमा करने ऑनलाइन वेतन प्रणाली में उचित सुधार कर वेतन हर महीने जमा करने, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन कानून लागू करने व अन्य प्रलम्बित मांगों को लेकर २८ जनवरी २०२१ को राज्य के सभी जिलाधीश, जिप व पंस कार्यालयों पर  मोर्चा-धरना आंदोलन किया जाएगा.

राज्य विधानसभा के बजट अधिवेशन के दौरान मार्च में मुंबई विधानसभा पर धरना आंदोलन किया जाएगा. राज्य स्तरीय मांगों को लेकर ग्रापं कर्मियों की एकजुटता व महासंघ द्वारा कृति समिति की स्थापना करने के उद्देश्य से राज्य के कुछ यूनियनों के प्रमुख पदाधिकारियों की सभा १७ जनवरी २०२१ को अहमदनगर में  आयोजित की जाएगी.

महासंघ के राज्य कार्यकारिणी सदस्यों की मार्च अथवा अप्रैल में 2 दिवसीय संगठनात्मक कार्यशाला बार्शी (सोलापुर) में होगी तथा महासंघ का राज्य महाअधिवेशन अक्टूबर २०२१ में गोंदिया जिले में लिए जाने का निर्णय लिया गया. नाशिक में हुई सभा को आयटक नेता राजू देसले ने संबोधित किया. मिलिंद गणवीर, सखाराम दुर्गुडे, ए. बी. कुलकर्णी, एड. सुधीर टोकेकर, मंगेश म्हात्रे, नीलकंठ ढोके, सोनवणे, उज्ज्वल गांगुर्डे, संजय हाडके व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे.