electricity bill
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  • कनेक्शन काटो अभियान के खिलाफ आक्रोश
  • वसूली बंद करने की मांग

गोंदिया. कोरोना संकट में अपरिहार्य रुप से लगे लाकडाउन काल में अनेक लोगों के रोजगार छिन गए. जिससे शासन ने जनता को नि:शुल्क खाद्यान्न, कर्ज की किश्तों में राहत जैसी अनेक सुविधा दी थी. इसी तर्ज पर लाकडाउन काल के विद्युत बिल माफ किए जाएंगे. ऐसी नियमित भुगतान करने वाले ग्राहकों को अपेक्षा थी. लेकिन इसके विपरीत बकायादारों के विद्युत खंडित अभियान चलाया जा रहा है इसे लेकर ग्राहकों में व्यापक रोष व्याप्त है.

विद्युत खंडित के लिए जाने वाले विद्युत कर्मी व ग्राहकों में विवादों की शिकायतें भी मिल रही हैं. कोरोना के बाद लाकडाउन घोषित किया गया. इस दौरान रोजगार, उद्योग, व्यवसाय ठप पड़ गए. इसके बावजूद राज्य शासन से सुविधा मिलने की अपेक्षा नागरिकों ने पाल रखी थी. उसमें भी अनेक विद्युत ग्राहकों पर मार्च 2020 से बिल बकाया है. बकाया पर हर माह ब्याज निर्धारित कर दिया गया है. जिससे बिल की रकम और अधिक दिखाई दे रही है.

मजदूर और किसान परेशान

किसानों के धान की गिनती हो गई फिर भी उनके चुकारे अब तक नहीं मिले हैं. जबकि कुछ किसानों के धान अब भी गिनती की प्रतीक्षा में है. ऐसे समय इतने भारी भरकम बिलों का भुगतान कैसे करे? ऐसा प्रश्न किसानों के समक्ष खड़ा हो गया है. इसमें गरीब खेत मजदूरों की स्थिति विकट हो गई है. शासन लाकडाउन अवधि वाले तीन से चार माह के विद्युत बिल माफ करे ऐसी मांग लगातार की जा रही है. इस ओर शासन ने ध्यान नहीं दिया. इसके विपरीत अब बकायादार ग्राहकों के विद्युत कनेक्शन काटे जा रहे हैं. विद्युत खंडित करने का अभियान शुरू कर दिया है. जिससे नागरिकों में भारी आक्रोश है. इतना ही नहीं इस वसूली अभियान को तत्काल बंद करने की मांग की जा रही है. 

केरोसिन की हो आपूर्ति

जिले में वर्तमान स्थिति में इतने बड़े बिल का भुगतान संभव नहीं होने से अनेक ग्राहकों की विद्युत खंडित की गई. जिससे अनेक लोगों को रात अंधेरे में काटने के लिए मजबूर होना पड़ा है. प्रशासकीय यंत्रणा से पूर्व की तरह सस्ते दर पर केरोसिन उपलब्ध कराने की मांग नागरिकों ने की है.