Pits of Highway No. 6 are giving invitation to accidents
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  • जगह-जगह की गई खुदाई

गोंदिया. महाराष्ट्र राज्य महामार्ग क्रमांक 79 गोंदिया से कोहमारो का राष्ट्रीय महामार्ग में रूपांतरण किया गया है. इस मार्ग पर पिछले 2 वर्षों से निर्माण कार्य शुरू है, किंतु काफी ढीली गति से चल रहा है. इस मार्ग की जगह-जगह खुदाई कर दी गई है. जिससे गोंदिया-कोहमारा मार्ग पर दुर्घटनाओं का दौर शुरू हो गया है. आवागमन के लिए मार्गों का बड़ा महत्व है, मार्गों से विकास को गति मिलती है. जबकि मार्गों का निर्माण करने वाली कम्पनी व शासकीय यंत्रणा की लापरवाही के कारण निर्माणकार्य नागरिक भारी असुविधाए भुगत रहे हैं.

नए राष्ट्रीय महामार्ग के रूप में घोषित किया गया गोंदिया-कोहमारा मार्ग का निर्माण कार्य पिछले 2 वर्षों से शुरू है, किंतु न जाने क्यों कार्य तीव्र गति से नहीं हो रहा है. निर्माण कार्य करने वाली कम्पनी ने जगह-जगह मार्ग पर खुदाई कर रख दी है, वहीं मार्गों पर मिट्टी मिश्रित मुरुम बिछा दी है. 

कुछआ गति से हो रहा निर्माण 

निर्माण कार्य जगताप कंस्ट्रक्शन कम्पनी को दिया गया है. निर्माण कार्य करने वाली कम्पनी के नियोजन के अभाव में राष्ट्रीय महमार्ग का निर्माण कछुआ गति से शुरू है, इस मार्ग पर वन-वे यातायात शुरू किया गया है, वहीं जगह-जगह मार्ग खोद कर रखने से मार्ग पर आवागमन करने वाले मोटरसाइकिल, टैक्सी ऑटो व फोरविलर वाहनों की दुर्घटनाएं हो रही हैं, इतना ही नहीं इस मार्ग पर सतत धूल उड़ती रहती  है, जिससे त्रस्त हो गए है. 

ग्रामीण मार्गों का उपयोग बढ़ा 

राष्ट्रीय महामार्ग पर कारंजा से भडंगा के बीच निर्माण कार्य करने वाली कम्पनी ने मार्ग की खुदाई कर रखी है. उस स्थान पर मुरुम डालकर रखा गया है, जिससे ग्रीष्म में धूल व बारिश में कीचड़ होने से वाहन चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. समस्या से निपटने के लिए कुछ वाहन चालक राष्ट्रीय महामार्ग  से जुड़े ग्रामीण मार्गों का उपयोग करने लगे हैं. इस मार्ग के निर्माण कार्य में विलंब क्यों हो रहा है. यह समझ से परे हैं.

इस मार्ग पर 2वर्षों में बड़ी संख्या में दुर्घटनाएं हुई. जिसमें मृत्यु आंकड़ा 50 से अधिक बताया जा रहा है. उल्लेखनीय है कि इन मार्गों का निर्माण कराने का जिम्मा जिस प्राधिकरण के पास है, उसके  अधिकारी कभी निर्माण स्थल पर पहुंच कर निरीक्षण करना जरूरी नहीं समझते है. उसके कारण भी हालात बिगड़ते व गंभीर होते जा रहे हैं.