PM Aawas Yojna

    • प्रधानमंत्री आवास योजना में हेराफेरी
    • मामला दर्ज करने के निर्देश 

    गोंदिया. स्थानीय पंचायत समिति अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े पैमाने पर फर्जी लाभार्थी पाए गए हैं. लोधीटोला-धापेवाड़ा में 70 से अधिक पात्र व्यक्तियों की जगह अन्यों को लाभ दिए जाने का मामला प्रकाश में आया है. इतना ही नहीं पात्र परिवार की आयडी पर अन्य फर्जी लाभार्थियों का पंजीयन कर उन्हें दो – तीन किश्तों का भुगतान कर दिया गया है. वहीं कुछ लाभार्थियों ने कुछ भी काम नहीं किया है, लेकिन उन्हें पूर्ण रकम दे दी गई है. इस प्रकरण में जिप सीईओ ने दोषी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ फौजदारी कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं.

    केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण क्षेत्र में नागरिकों को अपने पक्के घर निर्माण करने का सपना साकार करने में मदद कर रही है, गोंदिया तहसील में लगभग 12 हजार घरकुल मंजूर हैं, इसमें आधे से अधिक घरों का निर्माण पूर्ण किया गया है, लेकिन योजना कितनी भी अच्छी हो उसे क्रियान्वित करने वाले प्रशासकीय कर्मचारी की जिम्मेदारी भी जरुरी होती है. शासकीय योजना भ्रष्टाचार के हत्थे चढ़ जाती है व पात्र लाभार्थी लाभ से वंचित रह जाते हैं.

    तहसील की ग्राम पंचायत लोधीटोला स्थित नागरिकों की शिकायत के अनुसार 9 जुलाई को गोंदिया जिप की बैठक में सांसद सुनील मेंढे ने घरकुल वितरण घोटाले की जांच करने के निर्देश दिए थे. इसके बाद संबंधित प्रकरण की जांच की गई. जिसमें बड़ा घोटाला उजागर हुआ है. इस प्रकरण के लिए गृह निर्माण अभियंता को कार्यमुक्त कर दिया गया है. 

    गृह निर्माण अभियंता कार्यमुक्त

    गोंदिया पंस अंतर्गत लोधीटोला-धापेवाड़ा में प्रधानमंत्री आवास योजना में घोटाला उजागर हुआ है. इस प्रकरण में संबंधित गृह निर्माण अभियंता को कार्यमुक्त कर इसमें दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश सीईओ प्रदीपकुमार डांगे ने दिए हैं. जिससे इस प्रकरण में आगे और भी बड़ा घोटाला सामने आने की संभावना है.

    यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र लाभार्थियों को लाभ देने की बजाए उस व्यक्ति की आयडी पर दूसरे किसी व्यक्ति को लाभ दिया गया है. जिससे संबंधित कर्मचारी को तत्काल कार्यमुक्त कर जिले की ग्राम पंचायत स्तर पर जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग सांसद मेंढे ने की थी.