जिले के 810 ग्रामों में शराब बंदी

गोंदिया. जिले के 1101 ग्रामों में से 810 ग्रामों में शराब बंदी के संदर्भ में जिले में महात्मा गांधी विवाद मुक्त ग्राम अभियान समिति व महिला संगठन कितने सजग है. इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है. गंभीर बीमारी से एक ही व्यक्ति की मृत्यु होती है. लेकिन शराब पीने वाले व्यक्ति के संपूर्ण परिवार पर असर पड़ता है. इसके लिए गांव गांव में शराब बंदी के खिलाफ महिलाओं ने अभियान छेड़ रखा है. जबकि शराब बंदी वाले ग्रामों में खुलेआम शराब की बिक्री हो रही है.

महिलाओं के दबाव व राजनीति के चलते ग्राम में शराब बंदी के लिए प्रस्ताव लिए जाते है. वहीं शराब बंदी का प्रस्ताव पारित हो जाने के बाद उस ग्राम में शराब की बिक्री हो रही है. महाराष्ट्र शासन ने महात्मा गांधी विवाद मुक्त ग्राम अभियान समिति के माध्यम से ग्राम में अवैध धंधे करने वालों का रुख रोजगार की ओर मोडने का प्रयास किया. शराब विक्रेताओं को रोगायो के कार्य पर प्राथमिकता दी गई थी. लेकिन उन्हें रोगायो के काम से कम व शराब बिक्री से अधिक पैसे मिलने के कारण उन्होंने शराब बिक्री से चीपकर रहना उचित समझा है.

इस अवैध शराब व्यवसाय से महिला वर्ग त्रस्त है. अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाकर शराब विके्रताओं को सम्मान के साथ रोजगार दिलाने में विमुस अभियान प्रभावी साबित हुआ था. लेकिन इस अभियान की ओर दुर्लक्ष करने से गांव गांव में अवैध शराब की बिक्री ने जोर पकड़ लिया है. 

जानकारी मिलने पर कार्रवाई

इस संबंध में ग्रामीण थाने के थानेदार रंगनाथ धारबडे ने बताया कि अवैध शराब की कहीं भी बिक्री न हो इसके लिए हमारी पुलिस यंत्रणा काम कर रही है. लेकिन छुपकर शराब की बिक्री हो रही होगी तो उस विक्रेताओं हम कार्रवाई करते है. इसी तरह शराब बंदी समिति की महिलाओं द्वारा शिकायत करने पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस गांव में पहुंचती है. अवैध धंधों को बंद कराने के लिए हम तत्परता के साथ कार्य रहे है.