Complaint against DFO at Ramnagar police station, farmers upset with behavior

गोंदिया. नियमित कर्ज का भुगतान करने वाले किसानों को 50 हजार रुपये का अनुदान देने की घोषणा राज्य शासन ने की थी. जबकि नियमित बकायादारों को डेढ़ लाख तक कर्जमाफी देने की घोषणा की गई थी. किंतु अब भी अनेक किसान कर्जमाफी की प्रतीक्षा कर रहे हैं.

इसके पूर्व शासन ने किसानों को कर्जमाफी देते समय नियम व शर्तों को लाद दिया. वहीं राज्य शासन ने बकायदार किसानों को सीधे डेढ़ लाख तक कर्जमाफी व नियमित कर्ज का भुगतान करने वालों को 50 हजार रुपये तक अनुदान देने की घोषणा की. इसमें अब तक सभी बकायादार किसानों को कर्जमुक्ति का लाभ नहीं मिला है.

समय पर कर्ज चुकाने वाले वंचित
इसी बीच कोरोना महामारी के चलते सभी प्रक्रिया ठप पड़ गई है. कोरोना से उद्योग व्यवसाय चौपट हो गया है. अब तक जिस समय केंद्र व राज्य शासन ने कर्जमाफी दी है. वह केवल बकायादारों किसानों को ही दी हैं. जिससे समय पर कर्ज का भुगतान करने वाले किसानों को लग रहा है कि उनकी गलती क्या है. ऐसी भावना निर्मित हो रही है. जिससे समय पर कर्ज लौटाने वाले किसानों ने भी अनुदान देने की मांग की है.