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  • पटवारी की मनमानी से परेशानी

तिरोड़ा. सितंबर के प्रारंभ में परिसर में जोरदार बारिश की वजह से नदियों का जलस्तर बढ़ गया था. जिसकी वजह से नदी से जुड़ने वाले व बोदलकसा व भदभदा तालाब से निकलने वाले नाले जो लोधीटोला ग्राम के पास एकत्र होते हैं. यहां से एकत्र होकर ग्राम धादरी, उमरी, सोनोली, सालेबर्डी, भंभोडी, खुरखुडी, घोगरा ग्राम से होते हुए वैनगंगा नदी में मिलते है.

नदी में बाढ़ होने से नाले से बहकर जाने वाला पानी नदी में नहीं गया और नाले में ही रूकने से परिसर के ग्रामों में पानी घुस गया. जिससे नालों के किनारे लगी धान फसल, तुअर, तिल्ली व हरी सब्जियों का बड़े पैमाने में नुकसान हो गया है.

नहीं हुआ नुकसान का सर्वे, कार्रवाई करने की मांग
नुकसान का मौके पर सर्वेक्षण करने के लिए किसानों ने कृषि सहायक से संपर्क किया तब, उन्होंने बताया कि पटवारी के साथ सामूहिक सर्वे कर पंचनाम करेंगे. कृषि सहायक ने धादरी, उमरी के नाले किनारे खेती में लगी फसल का सर्वे नंबर पटवारी को भेजकर सूची बनाने की जानकारी दी, लेकिन इस पर गौर नहीं करते हुए पटवानी ने उस ओर अनदेखी की. जिससे नुकसान ग्रस्त किसान शासन की सहायता से वंचित रह गए. अब अपनी कमजोरी छिपाने के लिए कृषि सहायकों को दोषी करार दिया जा रहा है.

इसी प्रकार खुरखुडी ग्राम के किसानों की 70 हेक्टेयर जगह की नुकसान की सूची कृषि सहायक ने बताई. जिसे पटवारी ने केवल 27 हेक्टेयर के नुकसान की सूची बनाकर 41 हेक्टेयर के किसानों को मिलने वाली सरकारी सहायता से वंचित रख दिया. गैरजिम्मेदार पटवारी पर उचित कार्रवाई करने की मांग किसानों ने की है.