कुप्रबंधन: सिंचाई कुआं योजना की निधि किसानों को अब तक नहीं मिली, कुआं योजना में किसानों को मिला धोखा

    गोंदिया. 13 हजार सिंचाई कुआं कार्यक्रम योजना के तहत किसानों को कुएं व बोरवेल बनाकर दिए जाते हैं. जिले में 1100 किसानों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है. इनमें से 541 लाभार्थियों ने पूर्ण रूप से कुओं का निर्माण किया है. कुआं निर्माण को 2 वर्ष बीत गए, अब तक उन्हें निधि उपलब्ध नहीं कराई गई.

    बताया जाता है कि लघु सिंचाई विभाग को इस योजना को पूरा करने के लिए  25 करोड़ 8 लाख रु. की आवश्यकता है लेकिन नहीं मिली है. इस संदर्भ में सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता से संपर्क किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया. बताया गया कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने तथा आधुनिक खेती कराने के लिए शासन द्वारा वर्ष 2018 में 13 हजार सिंचाई कुआं कार्यक्रम योजना शुरू की गई. इस योजना के तहत जिले को 1100 कुएं व बोरवेल निर्माण करने के लिए मंजूरी मिल गई जिसे पूर्ण करने के लिए 25 करोड़ 8 लाख रु. की निधि लग रही है.

    जिनमें से 541 किसानों ने कुएं निर्माण का कार्य गत 2 वर्ष पूर्व ही कर लिया है. लेकिन उन्हें अब तक निधि नहीं मिल पाई है. इस कारण किसानों के पैसे अब कुओं के निर्माण में खर्च हो गए हैं. इससे अनेक किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं. किसानों ने जल्द से जल्द निधि उपलब्ध कराने की मांग की है. उल्लेखनीय है कि गोरेगांव तहसील में 150, गोंदिया में 110, तिरोड़ा 150, आमगांव 110, सड़क अर्जुनी 140, देवरी 160, अर्जुनी मोरगांव 140 व सालेकसा 140 इस प्रकार 1100 किसानों को 13 हजार सिंचाई कुआं कार्यक्रम योजना के तहत मंजूरी दे दी गई है. जिनमें से 541 किसानों ने कुआं निर्माण के कार्यों को पूर्ण रूप दिया है. 

    किसानों की समस्या

    नवंबर 2019 को किसानों ने इस योजना के तहत कुआं निर्माण करने की शुरुआत की. कुछ किसानों को एक किश्त मिली. शर्त रखी गई थी कि 6 माह में निर्माण कार्य को पूर्ण करना है. इसी शर्त के आधार पर 541 किसानों ने निर्माण सामग्री उधार पर लाकर शर्त को पूर्ण किया. उन्हें ऐसा लग रहा था कि जल्द ही निधि उपलब्ध हो जाएगी. लेकिन ऐसा नहीं हो सका. अब उक्त किसान आर्थिक संकट में आ गया है. उक्त समस्या को देखते हुए विभागीय आयुक्त तथा जिलाधीश व संबंधित विभाग के अधिकारियों को पत्र देकर तत्काल निधि उपलब्ध कराने की मांग की गई है.