MNS Protest

  • हजारों की संख्या में कार्यकर्ता हुए शामिल

गोंदिया. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के संस्थापक व अध्यक्ष राज ठाकरे ने बढ़े हुए बिजली बिल के खिलाफ राज्यपाल, मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री को इससे पूर्व दिए ज्ञापन के माध्यम से ग्राहकों को सहूलियत देने की मांग की थी. किंतु इन सभी निवेदन पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई महाराष्ट्र शासन की ओर से नहीं करने की वजह से महाराष्ट्र शासन को २४ नवंबर तक बिजली बिल के बढ़े हुए दाम व लॉकडाउन के काल में बिना रीडिंग के दिए गए बिजली बिलों के खिलाफ कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया था. अन्यथा आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई थी. फिर भी महाराष्ट्र शासन की ओर से किसी भी तरह का कोई भी कदम नहीं उठाने पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की ओर से महाराष्ट्र के सभी जिलों में जन आंदोलन करने का निर्णय लिया गया. जिसके परिणामस्वरुप गोंदिया शहर में भी आंदोलन किया गया. सभी तहसील के कार्यकर्ता और पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे.

निकाला गया मोर्चा

गोंदिया के कालेखां चौक से लेकर नई प्रशासकीय इमारत डा. बाबासाहेब अंबेडकर चौक तक मोर्चा निकलने का तय किया गया था. सभी कार्यकर्ता व पदाधिकारी और साथ ही जिन सामान्य नागरिकों को अनाप-शनाप बिजली बिल भेजा गया वह नागरिक बड़े पैमाने पर कालेखां चौक में उपस्थित हुए थे. लेकिन जैसे ही मोर्चे की शुरुआत की गई, उसी समय पुलिस प्रशासन के माध्यम से कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग का कारण बताते हुए मोर्चे को अनुमति नहीं देने से मोर्चे का समापन कराया गया. 

मनसे के जिला अध्यक्ष मनीष चौरागडे व हेमंत लिल्हारे इनसे पुलिस प्रशासन से चर्चा कर आंदोलन का कालेखा चौक में ही समापन की विनंती की गई. जिसे मान्य कर मनसे का यह आंदोलन यहीं पर समापन किया गया.  सरकार के रवैये को लेकर कड़ी निंदा करते हुए नारेबाजी भी की. आंदोलन में मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष मिलन रामटेककर, विद्यार्थी सेना के जिलाध्यक्ष राहुल हटवार, गोंदिया तहसील अध्यक्ष सुरेश ठाकरे, आमगांव तहसील अध्यक्ष मुन्ना गवली, सालेकसा तालुका अध्यक्ष बृजभूषण बैस, देवरी तहसील अध्यक्ष शैलेश राजनकर, सड़क अर्जुनी तहसील अध्यक्ष अमोल लांजेवार, गोरेगांव तालुका अध्यक्ष शैलेश जांभुलकर, तिरोडा तहसील अध्यक्ष पप्पू ढबाले, सालेकसा तहसील उपाध्यक्ष अभय कुरंजेकर, सुमित अग्रवाल, ध्रुव हुकरे आदि उपस्थित थे.