Gondia Nagar Parishad

  • पार्षदों ने सीओ पर लगाया अवमानना का आरोप

गोंदिया. स्थानीय नगर परिषद द्वारा एक बार फिर 16 अक्टूबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभापति चुनाव संपन्न कराये जा रहे हैं, जिसमें नियमों के गलत तरीके का इस्तेमाल और पार्षदों के साथ प्रशासनिक दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए पार्षद शीलू राकेश ठाकुर और श्वेता महेन्द्र पुरोहित ने पूरी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए उच्च न्यायालय में चुनौती देने की बात कही है. इसे लेकर एक बार फिर नियमों के उल्लंघन के आरोप में नप सीओ करण चौहान उलझते दिखाई दे रहे हैं.

उल्लेखनीय है कि गोंदिया नगर परिषद के चुनाव इसके पूर्व एक वर्ष के लिये 16 फरवरी 2020 को संपन्न हुए थे और चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने के साथ ही चुनाव परिणाम भी घोषित कर दिये गए थे, लेकिन इसके बाद पार्षद राजकुमार कुथे की याचिका पर उच्च न्यायालय द्वारा सभापति चुनाव पर स्थगन के निर्देश दिये जाने के बाद सभापति पदों पर कार्यवाही लंबित बनी रही, वहीं समयावधि के बाद एक बार फिर चुनाव कराया जाना इन सवालों को खड़े कर रहा है कि वर्तमान सत्र के आठ महीने निकल चुके हैं तो फिर ऐसे में शेष चार महीने के लिये सभापति चुनाव को संपन्न कराने का क्या औचित्य हैं, जबकि पूर्व में सभापति चुनाव की प्रक्रिया पूर्ण करके परिणाम घोषित कर दिये गए थे. 

प्रशिक्षण में आधे से भी कम पार्षद 

नप के सभापति चुनाव के लिये जल्दबाजी में निर्णय लेकर इस मुद्दे को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया गया है. इस चुनाव के लिये एक ओर जहां पार्षदों की उपस्थिति में चुनाव संपन्न होने पर भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग किया जाना पार्षदों को उचित प्रतीत नहीं हो रहा है, जबकि वहीं इसके लिए आयोजित किये गए प्रशिक्षण कार्यक्रम में 46 में से केवल 19 पार्षदों की मौजूदगी से पार्षदों की आपत्ति और उन्हें सूचना नहीं देकर सूचना पत्र को चस्पा किया जाना पार्षदों की आपत्ति को उचित प्रदर्शित कर रहा है. 

पार्षदों के घर पुलिस ने चस्पा किया नोटिस 

नप में जनप्रतिनिधि के रूप में सेवाएं देने वाले पार्षदों का पद एक सम्माननीय व गरिमापूर्ण पद है लेकिन नगर परिषद के इतिहास में पहली बार पार्षदों को चुनाव की सूचना तामिल कराने के लिये पुलिस का इस्तेमाल कर गरिमा का हनन और अवमानना की गई, जिस पर आपत्ति दर्ज करते हुए पार्षद शीलू राकेश ठाकुर और श्वेता महेन्द्र पुरोहित ने प्रशासनिक दुर्व्यवहार और गरिमा की अवमानना करार दिया है. ठाकुर व पुरोहित के अनुसार नप द्वारा सभापति के चुनाव का प्रशिक्षण कार्यक्रम जो कि 14 अक्टूबर को संपन्न कराया गया और इस चुनाव की सूचना का एक दिन पहले की तारीख में जारी पत्र उनके घरों पर उनकी अनुपस्थिति में पुलिस द्वारा 14 अक्टूबर की दोप. चस्पा कर दिए गए. एक तरफ प्रशिक्षण कार्यक्रम का समय निकलने के बाद सूचना दी गई और उन्हें सूचना देने के लिये अवैधानिक व प्रशासनिक दुर्व्यवहार किया गया.  

नियमानुसार ही होंगे चुनाव : सीओ चौहान  

नप सीओ करण चौहान ने बताया कि चुनाव पूर्व निर्धारित नियमानुसार ही होंगे. उन्होंने कुछेक पार्षदों की शिकायतों को लेकर कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है.