justice hammer

गोंदिया. जिला अपर व सत्र न्यायालय के प्रमुख न्यायधीश सुहास माने ने नागरा हत्याकांड   पर निर्णय देते हुए सभी 3 आरोपियों को निर्दोष रिहा कर दिया. ग्रामीण थाने के तहत नागरा में 13 मार्च 2017 को सुबह 9.45 बजे हत्याकांड की घटना हुई थी. धुलीवंदन का दिन होने से ग्रामीण लोग होली खेल रहे थे. तभी किसी बात को लेकर आरोपी भोजप्रसाद नागरवाडे उर्फ नक्सल व दिनाराम उर्फ सोनी मस्करे इन के  बीच में विवाद हो 

गया. जिससे सतानंद उपवंशी ने  विवाद छुड़ाने का प्रयास किया. इस पर भोजप्रसाद नागरवाडे, कालू ढेकवार व शैलेष चिखलोंढे ने हमारे  बीच में क्यों आया कहते हुए तीनों ने  उपवंशी की जमकर पिटाई कर दी. इतना ही नहीं तीनों ने उसे उठाकर देवेंद्र बांते के घर के सामने सीमेंट नाली पर पटक दिया. इसमें उपवंशी गंभीर रुप से घायल हो गया व अस्पताल ले जाते समय उसने  दम तोड़ दिया था.   ग्रामीण पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था. प्रकरण की जांच तत्कालीन पुलिस निरीक्षक पाटिल ने की थी.  न्यायधीश माने के समक्ष सुनवाई शुरु हुई. जिसमें 16 गवाहदारों के बयान हुए  लेकिन  बयानों में विसंगती होने से  उन सभी को  बाईज्जत रिहा कर दिया है. सरकार का पक्ष एड.महेश चांदवानी व  आरोपी भोजप्रसाद व शैलेष की ओर से एड.निजाम शेख ने तथा आरोपी कालू ढेकवार की ओर से एड.बारापात्रे ने पैरवी की.