जरूरत: 6 जिलों में 1841 कुओं का निर्माण कार्य प्रभावित, फडनवीस सरकार की थी योजना, 13,000 सिंचाई कुओं के 230 करोड़ रुके

    गोंदिया. नागपुर विभाग के 6 जिलों में 13 हजार सिंचाई कुओं को देने का कार्यक्रम तत्कालीन भाजपा सरकार ने शुरू किया था लेकिन इन सिंचाई कुओं के लिए लगने वाली 230 करोड. रु. की निधि 6 जिलों को नहीं दी गई है. जिससे किसानों की सिंचाई का कार्य प्रभावित हो रहा है. इस विशेष योजना अंतर्गत 6 जिलों में 2 हजार 373 कुओं का काम शुरू किया गया था. इसमें से 532 कुओं का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है.

    जबकि 1 हजार 841 कुओं का काम निधि के अभाव में रुका पड़ा है. इसमें गोंदिया, भंडारा, नागपुर, चंद्रपुर व गडचिरोली इन 6 जिलों में 13 हजार सिंचाई कुओं का निर्माण होना था. प्रथम चरण में 10 हजार सिंचाई कुओं का निर्माण कराया जाना था. इसके लिए 2373 कुओं के निर्माण कार्य की शुरुआत की गई है. इन कुओं के निर्माण कार्य के लिए लगने वाली 229 करोड 64 लाख 5 हजार रु. की निधि शासन ने नही दी है.

    जिससे 2 वर्षों से सिंचाई कुओं का निर्माण ठंडे बस्ते में पडा है. वहीं 6 जिलों के किसानों ने 532 कुओं का काम पूर्ण किया है. उल्लेखनीय है कि इस योजना के लिए अब तक केवल 23 करोड रु. की निधि प्राप्त हुई है. वह निधि खर्च भी हो गई है. इस योजना में लाभार्थियों ने स्वयं के खर्च से पूर्व ही कुओं का निर्माण किया है. उस काम की समीक्षा के अनुसार गटविकास अधिकारी के माध्यम से बिलों का भुगतान किया जाता है.

    इसी तरह वर्तमान  स्थिति में 1901 लाभार्थियों के 20 करोड 77 लाख रु. किसानों को देना बाकी है. जबकि लाभार्थियों ने कुओं के काम के लिए उधार पैसे लेकर कुओं का निर्माण कार्य पूर्ण किया है. लेकिन उन्हें कुओं के लाभ के पैसे नहीं मिलने से उनकी चिंता बढ़ गई है. 

    1454 कुओं का पूर्ण निर्माण करना आवश्यक 

    जिन कुओं के काम शुरू हुए है उन कुओं को पूर्ण करना आवश्यक है. अपूर्ण कुओं के काम पर खर्च व्यर्थ न हो ऐसे 1454 कुओं के लिए 18 करोड़ 19 लाख रु. की जरूरत है. इसी तरह आगामी मौसम में शुरू करने वाले नए कुओं की संख्या 7627 है. इन कुओं के लिए 190 करोड 68 लाख रु. की जरूरत है. नए कुओं के लिए निधि उपलब्ध हुए बिना काम शुरू नहीं करें, ऐसे निर्देश सभी जिलों को दिए गए हैं.