FARMER RICE

    गोंदिया. अनेक स्थानों में बारिश ने कहर ढा दिया है लेकिन बारिश की जरूरत वाले इस जिले में बारिश नदारद है. अनावृष्टि से किसानों की नींद उड़ गई है. बुआई के बाद नर्सरी में अंकुर आ गए हैं. किसानों ने फसल को खाद भी दिया है. लेकिन अचानक बारिश गायब  हो गई है.

    जिससे फसल सूखने के मार्ग पर है. इसी में जुलाई माह का पखवाड़ा होने के बाद भी केवल 19 प्रश. बुआई का कार्य हो पाया है. इस एक दो दिन में बारिश नहीं होने से फसलों के लिए खतरा होने की संभावना व्यक्त की जा रही है. इस बार जून माह की शुरुआत में बारिश ने हाजिरी लगाई. मौसम विभाग ने भी अच्छी बारिश होने का संकेत दिया.  जिससे लाकडाउन काल में घर बैठे किसानों ने तत्काल कृषि कार्यों की शुरुआत कर दी. शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश होने से किसानों ने नर्सरी डाल दी. नर्सरी तैयार हो जाने से किसान बारिश की प्रतीक्षा में हैं.

    जबकि पर्याप्त बारिश नहीं होने से बुआई कार्य प्रभावित हो गया है. इसके विपरीत नर्सरी सूखने लगी है. जिले में अब तक केवल 19 प्रश. बुआई कार्य होने की जानकारी कृषि विभाग ने दी. जिले में लगभग 2 लाख 20 हजार 240 हेक्टर क्षेत्र हैं. जिसमें से 1 लाख 86 हजार 431 हेक्टर क्षेत्र में खरीफ मौसम में धान फसल की बुआई की जाती है.

    जिले में 80 प्रश. खेती बारिश के पानी पर निर्भर है. नैसर्गिक पानी से ही खेतों में फसल का उत्पादन लिया जाता है. ऐसी परिस्थिति में बारिश खंडित होने से किसानों की धड़कन बढ़ गई है. इसी में कुछ क्षेत्रों में हलके स्वरूप में बारिश हुई है. वर्तमान में जमीन गीली होने से दो से तीन दिन नर्सरी सलामत रहेगी. इसके बाद बारिश नहीं हुई तो नर्सरी के सूख जाने की संभावना है. 

    जमीन की नमी खत्म होने की आशंका

    जिले में पिछले कुछ दिनों से गरमी बढ़ गई है. जिससे जमीन में नमी खत्म होने की संभावना है. बारिश के लिए किसानों की नजरें बादलों पर लगी हुई हैं. इस वर्ष ग्रीष्मऋतु में तापमान अधिक था. जिससे जिन किसानों के पास सिंचाई की व्यवस्था है उनके पास के जलस्त्रोतों का स्तर भी संकट में है. जिले में नदी नाले व तालाब अब भी सूखे ही हैं.

    इस वर्ष कम बारिश होने से इस वर्ष खेती का मौसम खतरे में पड़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है. जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी गणेश घोरपड़े के अनुसार जिले में कम बारिश हुई है. जिससे खिली हुई नर्सरी भी अब मुरझा रही है. उसका असर बुआई पर भी पड़ा है. केवल 19 प्रश. बुआई कार्य हुआ है. आगामी दो तीन दिनों में बारिश होना जरूरी है. इसके बाद ही बुआई को गति मिलेगी.