Fraud 01

  • SIT करेगी मामले की जांच
  • धान खरीदी केंद्रों का कारनामा
  • कांग्रेस हुई आक्रामक

गोंदिया. जिले में गत खरीफ मौसम में शासकीय धान खरीदी केंद्रों के माध्यम से बड़े पैमाने पर धान खरीदी की गई. महाराष्ट्र शासन ने 700 रुपये बोनस की राशि कोरोना का प्रभाव होने के बावजूद किसानों की मदद हो सके इस लिहाज से तत्काल दी, लेकिन जिले की कुछ संस्थाओं ने इसमें करोड़ों की हेराफेरी कर जिले के किसान व सरकार के साथ धोखाधड़ी की है.

पटोले ने दिए निर्देश इस पर विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले ने पहल कर जून में जिला प्रशासन को जांच के निर्देश दिए. जिससे सितंबर में एसआईटी गठित की गई. इसके बाद 6 अक्टूबर को जिले में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधीश, जिला पुलिस अधीक्षक व जिला कृषि अधीक्षक को तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए.

सौंपी जांच रिपोर्ट 

जिला प्रशासन ने जिले की धान खरीदी केंद्रों की जांच कर अहवाल सरकार के समक्ष पेश किया. उक्त सभी संस्था जिला मार्केटिंग फेडरेशन अंतर्गत कार्यरत हैं. इसमें अनेक संस्था दोषी पाई गई. इसके बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है. 

कांग्रेस हुई आक्रामक

जानकारी प्रदेश कांग्रेस के सचिव अमर वराडे को मिलने पर उन्होंने कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ अपर जिलाधीश राजेश खवले, एसपी विश्व पानसरे से भेंट कर चर्चा की. जिला मार्केटिंग फेडरेशन के अधिकारी गणेश खर्चे ने सालेकसा क्षेत्र के 2 धान खरीदी केंद्रों पर कार्रवाई की है. जबकि बाकी संस्थाओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. इसमें फर्जी सातबारा, बिना जमीन वालों के नाम दर्ज करना, वन विभाग की जमीन पर गट के नंबर किसानों के नाम पर दर्शाना, कम जमीन होने के बाद भी किसानों के नाम पर अधिक जमीन दिखाने जैसे कार्य कर गरीब व सामान्य किसानों के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया. 

न्यायालय का खटखटाएंगे दरवाजा

इस हेराफेरी में शामिल संस्था संचालकों के खिलाफ फौजदारी मामले दर्ज किए जाएं. उनसे घोटाले की राशि वसूल करने की मांग की गई है. ऐसा नहीं होने पर न्यायालय की शरण लेकर न्याय की मांग करेंगे. ऐसा भी संकेत दिया गया. सालेकसा बिझंली के सरपंच देवचंद ढेकवार, पूर्व पंस सदस्य कैलाश अग्रवाल, पूर्व सरपंच धनश्याम नागपुरे, बद्रीप्रसाद  दसरिया, जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष आलोक मोहंती, जिला एनएसयुआय अध्यक्ष हरीष तुलसकर, शहर कांग्रेस महासचिव दलेश नागदवने व कीर्ति येरणे आदि उपस्थित थे.